धनौरी। दौलतपुर गांव से कृषि विज्ञान केंद्र तक जाने वाला करीब तीन किलोमीटर लंबा मार्ग इन दिनों ग्रामीणों के लिए परेशानी का पर्याय बन चुका है। बरसात के बाद सड़क की हालत इतनी खराब हो गई है कि जगह-जगह गहरे गड्ढे, कीचड़ और जलभराव नजर आता है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क पर चलना अब सफर नहीं, जोखिम उठाना बन गया है।

सुबह स्कूल जाने वाले बच्चों की मुश्किलें सबसे ज्यादा हैं। कीचड़ और फिसलन के बीच बच्चे स्कूल जाने को मजबूर हैं। कई जगह गड्ढों में पानी भर जाने से सड़क और गड्ढे के बीच अंतर करना तक मुश्किल हो जाता है। ग्रामीणों को डर है कि किसी दिन कोई बच्चा गंभीर हादसे का शिकार न हो जाए।
किसानों के लिए भी बढ़ी परेशानी

यह मार्ग गांव के किसानों और ग्रामीणों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। खेतों से चारा लाने-ले जाने वाले लोगों को रोजाना इसी रास्ते से गुजरना पड़ता है। गड्ढों के कारण वाहनों और पशुओं के फंसने की स्थिति बनी रहती है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की हालत लंबे समय से खराब है, लेकिन स्थायी समाधान की दिशा में प्रभावी कार्रवाई नहीं हो पाई।

शिकायतें कई, समाधान का इंतजार
ग्रामीणों के अनुसार मार्ग की बदहाली को लेकर संबंधित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को कई बार अवगत कराया जा चुका है। इसके बावजूद सड़क की हालत में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। बारिश आते ही समस्या और गंभीर हो जाती है।
ग्रामीणों ने कहा कि एक तरफ सड़कों को गड्ढामुक्त करने की बात कही जाती है, वहीं दूसरी ओर दौलतपुर-कृषि विज्ञान केंद्र मार्ग पर गड्ढे ही गड्ढे दिखाई दे रहे हैं। ऐसे में सरकारी दावों और जमीनी हकीकत के बीच बड़ा अंतर नजर आ रहा है।
गुरुवार को मुख्यमंत्री के सामने रखेंगे ग्रामीणों की आवाज
अब ग्रामीणों ने अपनी उम्मीद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से लगाई है। ग्रामीणों के मुताबिक गुरुवार को मुख्यमंत्री के समक्ष इस बदहाल सड़क का मुद्दा उठाकर जल्द निर्माण की मांग की जाएगी।
ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभाग को तत्काल निर्देश दिए जाएं, मौके का निरीक्षण कराया जाए और करीब तीन किलोमीटर लंबे मार्ग का पक्का निर्माण अथवा आवश्यकतानुसार पुनर्निर्माण जल्द कराया जाए।
ग्रामीणों का कहना है कि यह सिर्फ सड़क की समस्या नहीं है, बल्कि बच्चों की सुरक्षा, किसानों की सुविधा और ग्रामीणों के रोजमर्रा के आवागमन से जुड़ा सवाल है। इसलिए अब उन्हें सिर्फ आश्वासन नहीं, बल्कि सड़क का काम शुरू होने का इंतजार है।
ग्रामीणों की एक ही मांग—दौलतपुर से कृषि विज्ञान केंद्र तक जल्द बने मजबूत सड़क, ताकि बरसात में गड्ढों और कीचड़ के बीच सफर करने की मजबूरी खत्म हो।




