नशे के खिलाफ युवाओं को जागरूक करने और समाज में नशामुक्ति का मजबूत संदेश पहुंचाने के उद्देश्य से राजकीय महाविद्यालय गुरूड़ाबांज, अल्मोड़ा में शनिवार को ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ के तहत व्यापक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। एंटी ड्रग्स सेल के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रमों में छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और नशे के खिलाफ जनजागरूकता की अलख जगाई।

कार्यक्रम की शुरुआत नशा मुक्त भारत हस्ताक्षर अभियान से हुई। छात्र-छात्राओं और महाविद्यालय परिवार ने नशीले पदार्थों से दूर रहने तथा समाज को नशे की गिरफ्त से मुक्त कराने का संकल्प लिया। इसके बाद महाविद्यालय परिसर से ग्राम गुरूड़ाबांज तक जागरूकता रैली निकाली गई। हाथों में जागरूकता संदेश लिखी तख्तियां और नारों के साथ निकली रैली ने ग्रामीण क्षेत्र में लोगों का ध्यान आकर्षित किया।

रैली के दौरान विद्यार्थियों ने “आओ मिलकर काम करें, नशा मुक्त भारत का निर्माण करें” समेत विभिन्न नारों के माध्यम से लोगों को नशीले पदार्थों के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया। विद्यार्थियों ने संदेश दिया कि नशे से होने वाले नुकसान से बचने का सबसे प्रभावी रास्ता जागरूकता, सही संगति और युवाओं को सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ना है।
पोस्टर प्रतियोगिता में स्वाति आर्य प्रथम
अभियान के तहत आयोजित पोस्टर प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने अपनी रचनात्मक प्रतिभा के माध्यम से नशे के खिलाफ प्रभावी संदेश प्रस्तुत किए। प्रतियोगिता में स्वाति आर्य ने प्रथम, हिमानी जोशी ने द्वितीय तथा प्रेमा, मनीषा और प्रियंका ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
वहीं निबंध प्रतियोगिता में भी विद्यार्थियों ने नशे की समस्या और उसके सामाजिक प्रभावों को अपनी लेखनी के माध्यम से सामने रखा। इसमें स्वाति आर्य ने प्रथम, सोनी ने द्वितीय तथा भावना आर्य और अर्चना आर्य ने तृतीय स्थान हासिल किया।
युवाओं को नशे से बचाने पर जोर
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं को नशीले पदार्थों के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना तथा उन्हें नशे से दूर रहकर स्वस्थ और सकारात्मक जीवन जीने के लिए प्रेरित करना रहा। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों ने यह संदेश भी दिया कि नशामुक्त समाज का निर्माण केवल अभियान चलाने से नहीं, बल्कि जागरूकता को जन-आंदोलन बनाने से संभव है।

महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. प्रणीता नंद ने विद्यार्थियों की सहभागिता की सराहना करते हुए नशे जैसी सामाजिक बुराई के खिलाफ जागरूकता फैलाने की आवश्यकता पर जोर दिया। कार्यक्रम नोडल अधिकारी जसवीर सिंह के नेतृत्व में आयोजित गतिविधियों में प्राध्यापकगण देवेंद्र कुमार, सुनील कुमार, डॉ. गगनप्रीत सिंह सैनी, अनीता नेगी एवं डॉ. किरन बाला सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
एंटी ड्रग्स सेल और महाविद्यालय परिवार के सामूहिक प्रयास से आयोजित अभियान ने विद्यार्थियों में सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को मजबूत किया। कार्यक्रम के दौरान युवाओं ने एकजुट होकर संदेश दिया कि नशे को ना और स्वस्थ, सुरक्षित एवं उज्ज्वल भविष्य को हां कहना ही नई पीढ़ी की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।




