स्वामी दयानन्द सरस्वती विद्यालय में पूज्य स्वामी दयानन्द सरस्वती की पुण्य तिथि के उपलक्ष्य में आयोजित आराधना दिवस के द्वितीय दिवस का कार्यक्रम श्रद्धा, उत्साह और सेवा-भाव के साथ सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और नाट्य मंचन के माध्यम से संस्कार, अनुशासन, सेवा और मानवीय मूल्यों का प्रभावशाली संदेश दिया।

कार्यक्रम का शुभारम्भ स्वामी श्रद्धानन्द, स्वामी विद्वानन्द एवं स्वामी योगेशानन्द द्वारा दीप प्रज्वलन एवं मंत्रोच्चारण के साथ किया गया। इसके बाद विद्यार्थियों ने स्वागत गीत तथा गणेश वंदना की मनमोहक प्रस्तुति देकर वातावरण को भक्तिमय बना दिया।

कार्यक्रम में राजेश नौटियाल ने पूज्य स्वामी दयानन्द सरस्वती के जीवन एवं AIM for Seva द्वारा किए जा रहे सेवा कार्यों की जानकारी दी। वहीं रतन रॉय ने विद्यार्थियों को जीवन में सेवा, संस्कार और मानवीय मूल्यों के महत्व से अवगत कराया।
कार्यक्रम का विशेष आकर्षण कक्षा 4 से 9 के विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत ‘नाग यज्ञ’ नाट्य रहा। विद्यार्थियों ने अपने अभिनय के माध्यम से दर्शकों को महत्वपूर्ण सामाजिक एवं नैतिक संदेश दिया। शानदार प्रस्तुति पर उपस्थित लोगों ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया।
विद्यालय के प्रधानाचार्य गिरीश चंद्र उनियाल ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल अच्छे अंक प्राप्त करना या रोजगार हासिल करना नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों को संस्कारवान, संवेदनशील और जिम्मेदार नागरिक बनाना भी शिक्षा का महत्वपूर्ण उद्देश्य है। उन्होंने ‘कुरु सेवा त्वम्’ को विद्यालय की सेवा भावना का प्रेरक संदेश बताया।
सेवा और संस्कार शिक्षा का अभिन्न हिस्सा : स्वामी श्रद्धानन्द

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि स्वामी श्रद्धानन्द ने अपने संबोधन में पूज्य स्वामी दयानन्द सरस्वती की शिक्षाओं की प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के जीवन में संस्कार, अनुशासन और सेवा-भाव का विशेष महत्व है। उन्होंने विद्यालय द्वारा विद्यार्थियों में इन मूल्यों को विकसित करने के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।
कार्यक्रम के समापन पर सीमा ने सभी अतिथियों, अभिभावकों, विद्यार्थियों एवं विद्यालय स्टाफ का आभार व्यक्त किया। इसके बाद AIM for Seva गान और राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
इस अवसर पर पूर्व चेयरमैन अनिल पाल, पूर्व प्रधान शिशपाल, प्रधान विनोद सैनी, अरविंद सहित विद्यालय का समस्त स्टाफ एवं अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।अगर इसे और ज्यादा अखबार वाली, बड़ी और आकर्षक खबर बनाना हो तो मैं इसमें मुख्य अतिथि स्वामी श्रद्धानन्द को और प्रमुखता देकर एक और दमदार संस्करण बना सकता हूँ।




