कौशिक पब्लिक स्कूल में आयोजित दो दिवसीय ‘लोकसंग्राम – राष्ट्रीय युवा संसद एवं मॉडल संयुक्त राष्ट्र’ कार्यक्रम का द्वितीय एवं समापन दिवस अत्यंत गरिमामय, प्रेरणादायी एवं बौद्धिक वातावरण में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। यह आयोजन विद्यार्थियों में लोकतांत्रिक मूल्यों, वैश्विक दृष्टिकोण, संवाद कौशल तथा नेतृत्व क्षमता के विकास की दिशा में एक सशक्त पहल साबित हुआ।
कार्यक्रम में उत्तराखण्ड के विभिन्न प्रतिष्ठित विद्यालयों से आए छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। प्रतिभागियों ने अनुशासन और गंभीरता के साथ वाद-विवाद, विचार-विमर्श एवं प्रस्ताव प्रस्तुत कर अपनी तार्किक क्षमता और नेतृत्व कौशल का प्रभावशाली प्रदर्शन किया।
समापन समारोह के मुख्य अतिथि उत्तराखण्ड सरकार के कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा रहे, जबकि उद्घाटन समारोह में भगवानपुर की विधायक ममता राकेश विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। इसके अतिरिक्त वरिष्ठ अधिवक्ता आयुष कौशिक, ट्रस्टी बबीता कौशिक एवं विद्यालय की डायरेक्टर सुश्री कनिका कौशिक भी कार्यक्रम में मौजूद रहीं।
मुख्य अतिथि प्रदीप बत्रा ने अपने संबोधन में कहा कि आज का युवा देश का भविष्य है और ऐसे मंच विद्यार्थियों को अपनी बात प्रभावी ढंग से रखने, तर्क करने और नेतृत्व विकसित करने का अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों के आत्मविश्वास और प्रस्तुति कौशल की सराहना की।
विधायक ममता राकेश ने भी विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा के साथ-साथ विचारशीलता, संवाद क्षमता और सामाजिक जिम्मेदारी का विकास बेहद आवश्यक है।
कार्यक्रम के दौरान प्रस्तुत प्रस्तावों और चर्चाओं से यह स्पष्ट हुआ कि आज की युवा पीढ़ी देश और विश्व की समकालीन समस्याओं के प्रति सजग है तथा उनके समाधान की दिशा में गंभीरता से सोचने में सक्षम है।
इस अवसर पर कक्षा दसवीं बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यालय के मेधावी विद्यार्थियों — अल्पस सैनी, आस्तिक सैनी, अक्षिता धीमान, पंखुड़ी सैनी, शिवम, लवप्रीत कौर, कामना प्रजापति, दिव्या सैनी एवं अविका नायक — को मुख्य अतिथियों द्वारा पदक एवं प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।
विद्यालय प्रबंधन ने अल्पस सैनी को 97.4 प्रतिशत अंक प्राप्त कर विद्यालय टॉपर बनने पर शत-प्रतिशत छात्रवृत्ति देने की घोषणा की, जिसे उपस्थित जनसमूह ने जोरदार तालियों के साथ सराहा।
कार्यक्रम ने विद्यार्थियों में न केवल नेतृत्व क्षमता को निखारा, बल्कि उन्हें एक जिम्मेदार और जागरूक नागरिक बनने की प्रेरणा भी दी।



