इमली खेड़ा। उत्तराखंड को नशामुक्त बनाने के लिए माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा लगातार सख्त रुख अपनाया जा रहा है। सरकार का स्पष्ट संदेश है कि नशे के कारोबार और नशा तस्करी को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

लेकिन नगर पंचायत इमली खेड़ा क्षेत्र में नशे की गतिविधियां दिन-प्रतिदिन बढ़ने की शिकायतें सामने आना बेहद गंभीर विषय है। यदि स्थानीय स्तर पर नशे की बिक्री या तस्करी की शिकायतें लगातार मिल रही हैं, तो इनकी निष्पक्ष जांच और तत्काल कार्रवाई क्यों नहीं हो रही—यह सवाल अब क्षेत्र की जनता पूछ रही है।
मुख्यमंत्री जी का संकल्प साफ है—नशे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस। फिर इमली खेड़ा में शिकायतों पर कार्रवाई के लिए किसका इंतजार किया जा रहा है?

क्षेत्रवासियों की मांग है कि संबंधित अधिकारी इस मामले को महज शिकायत मानकर नजरअंदाज न करें, बल्कि इमली खेड़ा में विशेष पुलिस अभियान चलाकर संदिग्ध स्थानों की जांच, नशीले पदार्थों की बिक्री की शिकायतों का सत्यापन और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई करें।
साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि कार्रवाई केवल कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि उसका असर जमीन पर दिखाई दे।

यह मामला केवल कानून-व्यवस्था का नहीं, बल्कि इमली खेड़ा के युवाओं के भविष्य का सवाल है। मुख्यमंत्री धामी के नशामुक्त उत्तराखंड के संकल्प को सफल बनाने की जिम्मेदारी स्थानीय प्रशासन की भी उतनी ही है।
अब सवाल सीधा है—

जब मुख्यमंत्री नशे के खिलाफ सख्त कार्रवाई का संदेश दे चुके हैं, तो इमली खेड़ा में बढ़ती नशे की शिकायतों पर स्थानीय प्रशासन कब जागेगा?
शासन-प्रशासन से अपील: शिकायतों की तत्काल जांच हो, जिम्मेदारों पर कार्रवाई हो और इमली खेड़ा को नशे के कारोबार से मुक्त कराने के लिए ठोस अभियान चलाया जाए।
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