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सेवा पखवाड़ा एवं तहसील दिवस: जनता की समस्याओं पर संवेदनशील दिखा प्रशासन, जनकल्याणकारी योजनाओं को घर-घर पहुंचाने का लिया संकल्प

 

भगवानपुर। सेवा, सुशासन और जनकल्याण के संकल्प को साकार करने की दिशा में ब्लॉक भगवानपुर में आयोजित सेवा पखवाड़ा एवं तहसील दिवस जनसेवा का प्रभावी मंच साबित हुआ। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे, जहां प्रशासनिक अधिकारियों ने प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से सुना और संबंधित विभागों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। पूरे आयोजन में जनता और प्रशासन के बीच सीधा संवाद देखने को मिला।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उत्तराखंड सरकार के राज्यमंत्री (दायित्वधारी) सुनील सैनी ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उनका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की सबसे बड़ी जिम्मेदारी जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरना है। उन्होंने अधिकारियों से निर्देशों के बजाय परिणाम देने वाली कार्यशैली अपनाने और हर शिकायत का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी ललित नारायण मिश्रा, उपजिलाधिकारी देवेंद्र सिंह नेगी, खंड विकास अधिकारी राजेंद्र जोशी तथा वरिष्ठ भाजपा नेता सुशील त्यागी सहित अनेक अधिकारी, जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने केंद्र एवं प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को पात्र लाभार्थियों तक पारदर्शिता और प्रभावी तरीके से पहुंचाने पर जोर दिया।

तहसील दिवस के दौरान विभिन्न विभागों से संबंधित शिकायतों एवं जनसमस्याओं पर विस्तार से सुनवाई की गई। कई मामलों का मौके पर ही समाधान किया गया, जबकि अन्य प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण के लिए संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि जनता की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा और शासन की मंशा के अनुरूप प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाया जाएगा।

 

कार्यक्रम में “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास” के संकल्प को दोहराते हुए सेवा को संगठन की पहचान और जनसेवा को सर्वोच्च कर्तव्य बताया गया। वक्ताओं ने कहा कि सरकार की नीतियों का उद्देश्य केवल विकास कार्य कराना नहीं, बल्कि आम नागरिक के जीवन को सरल, सुरक्षित और समृद्ध बनाना है।

 

कार्यक्रम का समापन “सेवा ही संगठन, जनसेवा ही हमारा सर्वोच्च धर्म” तथा “जय ग्राम, जय किसान” के उद्घोष के साथ हुआ। उपस्थित लोगों ने ऐसे आयोजनों को जनता और प्रशासन के बीच विश्वास मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।

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