2022 में टिकट कटते ही भड़का था समर्थकों का गुस्सा, भाजपा का पुतला फूंककर दी थी खुली चुनौती!
कलियर। विधानसभा चुनाव 2022 में भाजपा द्वारा क्षेत्र के लोकप्रिय जनप्रतिनिधि को टिकट न दिए जाने का फैसला उस समय बड़ा राजनीतिक भूचाल साबित हुआ था। टिकट की घोषणा होते ही समर्थकों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया और देखते ही देखते सड़कों पर विरोध का सैलाब उमड़ पड़ा। नाराज समर्थकों ने भाजपा का पुतला दहन कर अपना आक्रोश जाहिर किया और पार्टी नेतृत्व के फैसले पर सवाल खड़े किए।
उस समय क्षेत्र में एक ही चर्चा थी कि आखिर जिस जनप्रतिनिधि ने वर्षों तक जनता के बीच रहकर अपनी मजबूत पहचान बनाई, उसे टिकट से क्यों दूर रखा गया? समर्थकों का आरोप था कि जमीनी कार्यकर्ताओं की भावनाओं को नजरअंदाज कर लिया गया, जिसके चलते कार्यकर्ताओं में भारी रोष देखने को मिला।
पुतला दहन और विरोध प्रदर्शन की तस्वीरें पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गई थीं। राजनीतिक गलियारों में इस घटनाक्रम को भाजपा के लिए बड़ा झटका माना जा रहा था। कई जानकारों का मानना था कि यह नाराजगी चुनावी समीकरणों को भी प्रभावित कर सकती है।
अब 2027 विधानसभा चुनाव की आहट के साथ एक बार फिर पुराने जख्म और पुराने सवाल चर्चा में हैं। क्षेत्र में चाय की दुकानों से लेकर राजनीतिक बैठकों तक यही चर्चा है कि क्या इस बार पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों की भावनाओं का सम्मान करेगी या फिर टिकट को लेकर एक बार फिर सियासी संग्राम छिड़ सकता है।
“2022 में टिकट पर मचा था बवाल, 2027 में किसके सिर सजेगा सियासत का ताज?”




