राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) के मिनिस्टीरियल अधिकारी एवं कर्मचारी संगठन का तृतीय द्विवार्षिक अधिवेशन आज रुड़की में अत्यंत गरिमामय और उत्साहपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुआ। इस अधिवेशन में प्रदेशभर से आए संगठन के पदाधिकारियों, कर्मचारियों तथा अधिकारियों ने भाग लिया और विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया । कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उत्तराखंड सरकार के परिवहन एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा रहे । उनके साथ विशिष्ट अतिथियों के रूप में उत्तराखंड सरकार की गन्ना विकास सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष श्याम वीर सैनी, राज्य मंत्री, उत्तराखंड सरकार, माटी कला बोर्ड के उपाध्यक्ष शोभा राम प्रजापति, राज्य मंत्री, उत्तराखंड सरकार, नगर निगम रुड़की की महापौर अनिता ललित अग्रवाल, मिनिस्ट्रियल फेडरेशन के प्रांतीय अध्यक्ष मुकेश बहुगुणा, देहरादून जनपद के संगठन के महामंत्री सुभाष रतुडी तथा हरिद्वार जनपद के जिला अध्यक्ष सईद अहमद, जिला महामंत्री रोहित कुमार शर्मा सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे । कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक रीति से मुख्य अतिथि द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ किया गया, जिसके बाद एनसीसी संगठन के प्रतिनिधियों ने अतिथियों का स्वागत किया । अधिवेशन के दौरान संगठन की गतिविधियों, उपलब्धियों तथा वर्तमान चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की गई । अपने संबोधन में कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा ने एनसीसी के मिनिस्टीरियल अधिकारियों एवं कर्मचारियों के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि एनसीसी केवल युवाओं के अनुशासन और नेतृत्व क्षमता के विकास का माध्यम ही नहीं है, बल्कि इसके पीछे कार्य करने वाले कर्मचारी और अधिकारी इसकी रीढ़ हैं । उन्होंने कहा कि संगठन द्वारा उठाई गई मांगें न्यायसंगत हैं और राज्य सरकार इनके समाधान के लिए गंभीरता से कार्य करेगी । उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि इन मांगों को शासन स्तर पर प्राथमिकता देते हुए शीघ्र निस्तारित करने का प्रयास किया जाएगा। अधिवेशन में विभिन्न जिलों से आए प्रतिनिधियों ने अपनी समस्याओं और सुझावों को खुलकर रखा । इनमें सेवा शर्तों में सुधार, पदोन्नति की प्रक्रिया को सरल बनाने, कार्यस्थल पर सुविधाओं में वृद्धि तथा प्रशासनिक समन्वय जैसे मुद्दे प्रमुख रहे। संगठन के जिला अध्यक्ष रवि कपूर, नरेंद्र गैरोला, प्रमोद जोशी सहित कई पदाधिकारियों ने अपने विचार प्रस्तुत किए । हल्द्वानी से आए प्रतिनिधियों जावेद अहमद, नवीन सिंह ढैला, भगवत सिंह बिष्ट ने भी संगठन की मजबूती और कर्मचारियों के हितों के संरक्षण पर जोर दिया । उन्होंने कहा कि इस प्रकार के अधिवेशन संगठन की एकजुटता को सुदृढ़ करते हैं और सामूहिक आवाज को प्रभावी बनाते हैं ।अधिवेशन के दौरान संगठन की आगामी कार्ययोजना पर भी चर्चा की गई, जिसमें कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा, प्रशासनिक संवाद को मजबूत करना तथा संगठनात्मक विस्तार जैसे बिंदु शामिल रहे । वक्ताओं ने संगठन में पारदर्शिता, सहयोग और सक्रिय भागीदारी को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया । कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया गया और यह संकल्प लिया गया कि संगठन भविष्य में और अधिक मजबूती के साथ कार्य करेगा। यह अधिवेशन न केवल संगठनात्मक दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा, बल्कि कर्मचारियों के हितों को आगे बढ़ाने की दिशा में एक सकारात्मक पहल के रूप में भी देखा गया ।



