कलियर विधानसभा में आजाद समाज पार्टी से परवेज सुल्तान की दमदार दावेदारी ने विपक्षी पार्टियों की चिंता बढ़ा दी है। जैसे-जैसे जनता का समर्थन परवेज सुल्तान के पक्ष में बढ़ता जा रहा है, वैसे-वैसे विरोधी दलों में बेचैनी साफ दिखाई देने लगी है।
वर्षों से बड़े-बड़े वादे करने वाली विपक्षी पार्टियां आज जनता के सवालों के सामने घिरती नजर आ रही हैं। क्षेत्र की बदहाल सड़कें, बेरोजगारी, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत समस्याओं पर जवाब देने में विपक्ष पूरी तरह असहज दिखाई दे रहा है। वहीं दूसरी ओर परवेज सुल्तान लगातार जनता के बीच पहुंचकर उनकी समस्याओं को मजबूती से उठा रहे हैं।
गांव-गांव, गली-मोहल्लों और जनसभाओं में उमड़ रही भीड़ यह साफ संकेत दे रही है कि कलियर विधानसभा की जनता अब बदलाव चाहती है। युवाओं में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है और बड़ी संख्या में लोग खुलकर परवेज सुल्तान के समर्थन में उतर रहे हैं। यही कारण है कि विपक्षी दलों की रातों की नींद उड़ती नजर आ रही है।
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि इस बार मुकाबला आसान नहीं रहने वाला। आजाद समाज पार्टी की बढ़ती ताकत और परवेज सुल्तान की मजबूत छवि ने चुनावी समीकरण पूरी तरह बदल दिए हैं। विरोधी दल लगातार रणनीतियां बदलने में लगे हैं, क्योंकि उन्हें भी महसूस होने लगा है कि जनता अब केवल भाषण नहीं, बल्कि काम करने वाला नेतृत्व चाहती है।
परवेज सुल्तान ने साफ शब्दों में कहा है कि उनकी लड़ाई केवल चुनाव जीतने की नहीं, बल्कि कलियर विधानसभा की जनता को सम्मान, अधिकार और विकास दिलाने की है। उन्होंने कहा कि जनता का प्यार और भरोसा ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है।
अब पूरे क्षेत्र की नजरें आने वाले चुनाव पर टिकी हैं, लेकिन फिलहाल एक बात साफ दिखाई दे रही है — परवेज सुल्तान की बढ़ती लोकप्रियता ने विपक्षी पार्टियों के पसीने छुड़ाने का काम शुरू कर दिया है।




