इमली खेड़ा में बिजली चोरी का मामला पहुंचा यूपीसीएल सचिव तक, दोषी अधिकारियों-कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग
इमली खेड़ा। नगर पंचायत इमली खेड़ा क्षेत्र में कथित रूप से लंबे समय से जारी बिजली चोरी के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। मामले को लेकर उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) के सचिव को विस्तृत प्रार्थना-पत्र भेजकर उच्चस्तरीय जांच की मांग की गई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि स्थानीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों को कई बार बिजली चोरी की जानकारी देने के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई, जिससे विभाग को लगातार राजस्व का नुकसान उठाना पड़ रहा है।

प्रार्थना-पत्र में कहा गया है कि यदि समय रहते बिजली चोरी पर अंकुश लगाया गया होता तो यूपीसीएल को लाखों रुपये की संभावित आर्थिक क्षति से बचाया जा सकता था। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि शिकायतों के बाद भी कार्रवाई न होना पूरे मामले को संदेह के घेरे में खड़ा करता है। इसलिए पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदारी तय की जाए।

यूपीसीएल सचिव से मांग की गई है कि जिन अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने शिकायतों के बावजूद अपने कर्तव्यों का पालन नहीं किया या जिनकी भूमिका जांच में संदिग्ध पाई जाए, उनके विरुद्ध सख्त विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही क्षेत्र में विशेष अभियान चलाकर बिजली चोरी करने वालों के खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

शिकायत में यह भी कहा गया है कि बिजली चोरी केवल विभाग को आर्थिक नुकसान ही नहीं पहुंचाती, बल्कि ईमानदारी से बिजली बिल जमा करने वाले उपभोक्ताओं के हितों को भी प्रभावित करती है। ऐसे में इस मामले में पारदर्शी जांच और प्रभावी कार्रवाई जनहित के साथ-साथ विभागीय हित में भी आवश्यक है।
अब यह मामला यूपीसीएल सचिव कार्यालय तक पहुंचने के बाद क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। लोगों की नजर इस बात पर टिकी है कि विभाग शिकायत का संज्ञान लेकर क्या कदम उठाता है और दोषियों के खिलाफ कब तक कार्रवाई होती है।




