हरिद्वार: योग गुरू स्वामी रामदेव ने कहा कि शिक्षक जैसा चाहेंगे विद्यार्थी वैसा ही बनेंगे। इसलिए शिक्षकों की भूमिका बेहद अहम हो जाती है। शिक्षकों को हमारे बच्चों को गढ़ना है। उन्हें समाज और देश के अनुकूल बनाना है। यही एक अच्छे शिक्षक का गुण और धर्म है। मुझे विश्वास है कि भारतीय शिक्षा बोर्ड के तहत प्रशिक्षण लेने आये शिक्षक भारतीय परंपरा और आधुनिकता के बेजोड़ मिश्रण के साथ नया भारत का गठन करेंगे। जिसमें भारतीय शिक्षा बोर्ड की अहम भूमिका होगी। 
यह बातें स्वामी रामदेव ने भारतीय शिक्षा बोर्ड की ओर से पांच राज्यों के प्रशिक्षण शिविर के दौरान कन्या गुरुकुल, पतंजलि फेज-दो हरिद्वार में दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान कही। उन्होंने कहा कि शिक्षक ऐसे विद्यार्थियों का निर्माण करें जिनमें ज्ञान, संस्कार, कौशल और राष्ट्रभावना चारों का समन्वय हो। शिक्षकों से निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के साथ अपने दायित्व निभाने का आह्वान किया। कहा कि भारत को विश्व गुरू बनाने के संकल्प में शिक्षकों का अमूल्य योगदान होगा। भारतीय शिक्षा बोर्ड के कार्यकारी अध्यक्ष एनपी सिंह ने कहा कि उत्तराखंड, उत्तरप्रदेश, दिल्ली, छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश और राजस्थान से प्रशिक्षण लेने शिक्षक आये हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय शिक्षा बोर्ड अपने तय मूल्यों के तहत तेजी से आगे बढ़ रहा है। देश के कई राज्यों के विद्यालयों से भारतीय शिक्षा बोर्ड की संबद्धता हो गई है। उन्होंने कहा कि वे लगातार देश के कई प्रांतों में जाकर भारतीय शिक्षा बोर्ड के बारे में जानकारी दे रहे हैं। शिक्षकों के लिए लगातार देश के कई प्रांतों में प्रशिक्षण कार्यक्रम किए जा रहे हैं। हमारा मकसद केवल परीक्षा लेने वाली व्यवस्था बनना नहीं, बल्कि ऐसी शिक्षा व्यवस्था विकसित करना है जो भारतीय ज्ञान परंपरा को आधुनिक विज्ञान और तकनीक से जोड़े। प्रशिक्षण कार्यक्रम से पूर्व हवन-पूजन किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में अंग्रेजी, गणित, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान, ईवीएस तथा शारीरिक शिक्षा विषयों पर प्रशिक्षण दिया गया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में निम्नलिखित विषय विशेषज्ञ और संसाधन व्यक्ति (रिर्सोस पर्सन) शामिल रहे। इनके अतिरिक्त प्रशिक्षण एवं गुरुकुल शिक्षा की सलाहकार वंदना पांडे भी उपस्थित रहीं। प्रशिक्षण देने वालों में गणित से सुनील भटिया और डॉ अलका कालरा, अंग्रेजी से नीलिमा यादव और डॉ सीमा भूषण, विज्ञान विषय से डॉ गीता शुक्ला और सोमा सिंह, सामाजिक विज्ञान से डॉ प्रफुल्लित बिष्ट और पीके मिश्रा, शरीरिका शिक्षा में डॉ देवेन्द्र यादव और विनीत मेहता, पर्यावरण अध्ययन विषय से जीवन माला और कुमुद अनेजा शामिल रहे।
-हवन पूजन के साथ शुरु हुआ भारतीय शिक्षा बोर्ड के प्रशिक्षण का कार्यक्रम।
-स्वामी रामदेव प्रशिक्षण लेने आये सभी शिक्षकों को संबोधित करते हुए।




