हरिद्वार। जमालपुर कला किसान सेवा सहकारी समिति, बहादराबाद में लगभग ₹9.45 लाख की लागत से खरीदे गए कृषि ड्रोन की खरीद प्रक्रिया, उपयोगिता और वित्तीय अनियमितताओं की जांच की मांग उठी है। सहकारी गन्ना विकास समिति ज्वालापुर के उपाध्यक्ष विशेष चौहान ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को शिकायत पत्र भेजकर पूरे मामले की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
शिकायत में कहा गया है कि करीब तीन वर्ष पूर्व किसानों को आधुनिक कृषि सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कृषि ड्रोन खरीदा गया था, लेकिन आज तक किसानों को उसका वास्तविक लाभ नहीं मिल सका। आरोप है कि ड्रोन खरीद के बावजूद किसानों के हित में उसका संचालन नहीं हुआ और लाखों रुपये की सार्वजनिक धनराशि के उपयोग पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
विशेष चौहान ने बताया कि इस संबंध में मई 2026 में जिलाधिकारी हरिद्वार को भी शिकायत दी गई थी, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि वर्तमान में ड्रोन की बैटरी तक गायब बताई जा रही है, जो सरकारी संपत्ति के रखरखाव में गंभीर लापरवाही और संभावित वित्तीय अनियमितता का संकेत है।
मुख्यमंत्री को भेजी शिकायत में ड्रोन खरीद से संबंधित सभी अभिलेखों, निविदा एवं कोटेशन प्रक्रिया, भुगतान विवरण, वित्तीय स्वीकृतियों, प्रशिक्षण एवं संचालन की जांच कराने की मांग की गई है। साथ ही यह भी मांग की गई है कि ड्रोन खरीद में सहकारी समिति, जिला सहकारी बैंक, संबंधित अधिकारियों एवं तत्कालीन जिला सहायक निबंधक की भूमिका की भी जांच की जाए।
शिकायतकर्ता ने मांग की है कि जांच में यदि वित्तीय अनियमितता, कमीशनखोरी, मिलीभगत अथवा सरकारी धन के दुरुपयोग के तथ्य सामने आते हैं तो संबंधित अधिकारियों, कर्मचारियों एवं जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही यह भी जांच हो कि ड्रोन से अब तक कितने किसानों को लाभ मिला और कितनी कृषि भूमि पर इसका उपयोग किया गया।
विशेष चौहान ने कहा कि किसानों के नाम पर खर्च की गई धनराशि का वास्तविक लाभ किसानों तक पहुंचना चाहिए। यदि करोड़ों और लाखों रुपये की योजनाएं केवल कागजों तक सीमित रह जाएं तो इससे शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का उद्देश्य प्रभावित होता है। उन्होंने ड्रोन को किसानों के हित में संचालित कराने और पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने की मांग की है।




