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क्वांटम विश्वविद्यालय, रुड़की में “हेल्थ टेक आइडिया 1.0” राष्ट्रीय सम्मेलन का भव्य शुभारंभ

 

1 मई 2026: क्वांटम विश्वविद्यालय, रुड़की के क्वांटम स्कूल ऑफ हेल्थ साइंसेज द्वारा आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन “हेल्थ टेक आइडिया 1.0” का आज भव्य शुभारंभ हुआ। इस सम्मेलन में देश-विदेश से आए अकादमिक विशेषज्ञों, शोधकर्ताओं, स्वास्थ्य पेशेवरों, उद्योग प्रतिनिधियों, विद्वानों एवं विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

 

इस सम्मेलन का आयोजन प्रो. (डॉ.) संतोष कुमार वर्मा, प्राचार्य, क्वांटम स्कूल ऑफ हेल्थ साइंसेज, के संयोजन में किया जा रहा है।

 

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित प्रो. (डॉ.) महेश कुमार दाधीच, सीईओ, नेशनल मेडिसिनल प्लांट बोर्ड (एनएमपीबी), आयुष मंत्रालय, भारत सरकार, ने अपने संबोधन में औषधीय पौधों के अनुसंधान को बढ़ावा देने तथा पारंपरिक ज्ञान को वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ जोड़ने की आवश्यकता पर बल दिया।

 

इस अवसर पर मुख्य मार्गदर्शक एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित प्रो. (वैद्य) पी. के. प्रजापति, निदेशक, ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद, नई दिल्ली, ने आयुर्वेद एवं एकीकृत चिकित्सा की वैश्विक प्रासंगिकता पर अपने विचार रखे।

 

कार्यक्रम में अतिथि-विशेष के रूप में प्रो. रंजीत सिंह, कुलपति, शोभित विश्वविद्यालय तथा डॉ. शिवानंद पाटिल, सेंट्रल काउंसिल सदस्य, फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया, ने स्वास्थ्य शिक्षा में नवाचार एवं गुणवत्ता उन्नयन की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।

 

इस अवसर पर प्रो. (डॉ.) विवेक कुमार, कुलपति, क्वांटम विश्वविद्यालय तथा डॉ. अमित दीक्षित, रजिस्ट्रार, क्वांटम विश्वविद्यालय की गरिमामयी उपस्थिति रही। उन्होंने विश्वविद्यालय की शोध एवं नवाचार उन्मुख शिक्षा प्रणाली को सुदृढ़ बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई।

 

इस सम्मेलन के सफल आयोजन पर विश्वविद्यालय के अध्यक्ष श्री अजय गोयल जी ने अपने संदेश में कहा कि ऐसे राष्ट्रीय सम्मेलन विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों को नवाचार, अनुसंधान और उद्यमिता की दिशा में प्रेरित करते हैं तथा ज्ञान के आदान-प्रदान के लिए एक सशक्त मंच प्रदान करते हैं।

 

वहीं, उपाध्यक्ष शोभित गोयल जी ने अपने संदेश में कहा कि क्वांटम विश्वविद्यालय सदैव बहुआयामी शिक्षा एवं शोध को प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिबद्ध है और इस प्रकार के आयोजन विद्यार्थियों को व्यावहारिक ज्ञान एवं वैश्विक दृष्टिकोण प्रदान करते हैं।

 

सम्मेलन के तकनीकी सत्रों में विशिष्ट वक्ताओं एवं रिसोर्स पर्सन्स जैसे डॉ. राजीव कुमार कुरेले, प्रो. (डॉ.) राहुल के. सिंह, डॉ. अरुण के. वेंकटेशन (अमेरिका), श्री इरुदायास्वामी (सिंगापुर), श्री हिमांशु गोयल (यूकोस्ट) तथा डॉ. जितेंद्र कुमार ने स्वास्थ्य तकनीक, डिजिटल हेल्थ, जैव विविधता आधारित औषधि विकास एवं एकीकृत चिकित्सा जैसे विषयों पर अपने विचार प्रस्तुत किए।

 

सम्मेलन के सफल आयोजन में आयोजन सचिव, संकाय सदस्यों एवं छात्र स्वयंसेवकों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

 

इस सम्मेलन में बड़ी संख्या में प्रतिभागी, शोधार्थी एवं विद्यार्थी सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं और अपने शोध कार्य प्रस्तुत कर रहे हैं, जिससे यह मंच ज्ञान-विनिमय एवं नवाचार का केंद्र बन गया है।

 

यह सम्मेलन “Innovation & Development with Classical Wisdom, Biodiversity Conservation, and Contemporary Therapeutic Relevance” विषय पर आधारित है, जो पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों और आधुनिक स्वास्थ्य तकनीकों के समन्वय को बढ़ावा देता है।

 

कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिसके साथ ही इस ज्ञानवर्धक सम्मेलन की सफल शुरुआत हुई।

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