सहकारी समिति की जमीन पर कूड़े का कब्जा! पत्र वायरल होते ही नगर पंचायत की कार्यशैली पर उठे सवाल
इमलीखेड़ा। नगर पंचायत इमलीखेड़ा एक नए विवाद में घिरती नजर आ रही है। बहुउद्देशीय मेहवड़ खुर्द सहकारी समिति लिमिटेड द्वारा नगर पंचायत अध्यक्ष को भेजे गए पत्र ने प्रशासनिक व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। समिति ने आरोप लगाया है कि उसकी भूमि पर नगर पंचायत द्वारा कूड़े का ढेर लगवा दिया गया है, जबकि उसी भूमि पर सरकार की महत्वाकांक्षी भंडारण योजना के अंतर्गत गोदाम निर्माण प्रस्तावित है।

16 जून 2026 को भेजे गए पत्र में समिति के सचिव ने स्पष्ट रूप से उल्लेख किया है कि खाता संख्या 1412 की लगभग 2 बीघा भूमि पर कूड़ा डाला जा रहा है। समिति का कहना है कि उक्त भूमि पर भविष्य में गोदाम निर्माण होना है, जिससे क्षेत्र के किसानों और सहकारिता व्यवस्था को लाभ मिलेगा। लेकिन वर्तमान में वहां कूड़े के ढेर लगे होने से योजना पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जब एक पंजीकृत सहकारी संस्था को अपनी ही जमीन से कूड़ा हटवाने के लिए नगर पंचायत को पत्र लिखना पड़ रहा है, तो स्वच्छता और प्रशासनिक व्यवस्था के दावों की हकीकत खुद सामने आ जाती है।
अब सवाल यह उठ रहा है कि यदि भूमि सहकारी समिति की है तो वहां कूड़ा डालने की अनुमति किस स्तर से दी गई? क्या नगर पंचायत के पास कूड़ा निस्तारण के लिए कोई निर्धारित स्थल नहीं है? और यदि है, तो फिर समिति की भूमि का उपयोग क्यों किया गया?
पत्र सामने आने के बाद क्षेत्र में चर्चा तेज हो गई है। लोगों का कहना है कि विकास कार्यों के लिए चिन्हित भूमि को कूड़ाघर में बदलना न केवल नियमों के खिलाफ है, बल्कि सरकारी योजनाओं को भी प्रभावित करने वाला कदम है।
अब सभी की निगाहें नगर पंचायत प्रशासन पर टिकी हैं कि वह समिति की मांग पर क्या कार्रवाई करता है और आखिर इस पूरे मामले का जिम्मेदार कौन है।




