। नगर पंचायत इमलीखेड़ा में पानी की समस्या को लेकर लोगों की परेशानियों पर सवाल खड़े हो रहे हैं। आम जनता की रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़ी इस समस्या का समाधान आखिर कब होगा? जब पानी जैसी मूलभूत सुविधा के लिए लोगों को परेशानी उठानी पड़े, तो जनप्रतिनिधियों और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही पर सवाल उठना स्वाभाविक है।

प्रदेश में भाजपा की सरकार है, ऐसे में सवाल उठता है कि इमलीखेड़ा की इस समस्या पर जिम्मेदार जनप्रतिनिधि गंभीरता से ध्यान क्यों नहीं दे रहे हैं? शासन-प्रशासन तक जनता की आवाज क्यों नहीं पहुंच रही? क्या स्थानीय लोगों की परेशानी सरकार और अधिकारियों तक नहीं पहुंच रही, या फिर शिकायतों के समाधान का इंतजार अभी और लंबा होगा?

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से भी जनता की उम्मीदें जुड़ी हैं। स्थानीय लोगों की पानी की समस्या को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभाग को तत्काल जांच करानी चाहिए और स्थायी समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाने चाहिए।
पानी कोई विलासिता नहीं, बल्कि हर परिवार की बुनियादी जरूरत है। जनता को आश्वासन नहीं, समाधान चाहिए। अब देखना यह है कि जिम्मेदार जनप्रतिनिधि और अधिकारी इमलीखेड़ा की इस समस्या पर कब संज्ञान लेते हैं और लोगों को राहत कब मिलती है।

सबसे बड़ा सवाल—आखिर इमलीखेड़ा की जनता को पानी की समस्या से निजात कब मिलेगी?




