अल्मोड़ाउत्तर प्रदेशउत्तराखंडकोटद्वारदेशदेहरादूननैनीतालरूडकीहरिद्वार

मदरहुड विश्वविद्यालय के अधिष्ठाता विधि संकाय, प्रो० (डॉ०) जे० एस० पी० श्रीवास्तव ने कुलपति प्रोफेसर (डॉ०) नरेंद्र शर्मा के कार्यकाल विस्तारण पर विधि संकाय के समस्त सदस्यों की और से शुभकामनाएं एवं बधाई दी ।

 

 

मदरहुड विश्वविद्यालय के अधिष्ठाता विधि संकाय, प्रो० (डॉ०) जे० एस० पी० श्रीवास्तव ने कुलपति प्रोफेसर (डॉ०) नरेंद्र शर्मा के कार्यकाल विस्तारण पर विधि संकाय के समस्त सदस्यों की और से शुभकामनाएं एवं बधाई दी ।

उन्होंने कहा की 15 वीं बोर्ड आफ गवर्नेंस की बैठक में प्रोफेसर (डॉ) नरेंद्र शर्मा को सर्वसम्मति से अगले 3 वर्षों के लिए कुलपति के रूप मे कार्य का विस्तारण प्राप्त हुआ इस पर विधि संकाय के सभी सदस्यों ने आज पुष्प गुच्छ भेट कर प्रसन्ता व्यक्त की।

विश्वविद्यालय के बोर्ड आफ गवर्नेंस की बैठक में अध्यक्ष के रूप में श्री ज्ञानेंद्र शर्मा, राज्य के प्रमुख सचिव शिक्षा, रंजीत सिन्हा और अन्य सदस्यों ने प्रीतिभाग किया। बैठक में कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा हुई और साथ ही साथ यह महत्वपूर्ण प्रस्ताव भी पारित किया गया। कार्यकाल को विस्तारित करने और अनुमोदन करने के लिए सम्मानित अध्यक्षों द्वारा पटल पर प्रस्ताव रखा गया था जिसे सर्व सम्मति से पास किया गया । जैसे कि हम सभी को ज्ञात हैं की मदरहुड विश्वविद्यालय के प्रथम कुलपति होने का गौरव भी इनही को प्राप्त है।

प्रोफेसर (डॉ०) नरेंद्र शर्मा जी द्वारा 2015, विश्वविद्यालय के गठन होने से लेकर आज तक निरंतर शिक्षा के क्षेत्र में अपना योगदान देते आये है। इन के प्रयासों से आज उत्तराखंड उच्च शिक्षा के क्षेत्र में मदरहुड विश्वविद्यालय अपनी विशिष्ठ पहचान रखता है। यह उनका तीसरा कार्यकाल चल रहा था जिसको आगामी 3 वर्षों के विस्तारण पर सभी ने सहमति जताई उनके कुशल नेतृत्व दूर दृष्टि और अथक परिश्रम के कारण विश्वविद्यालय में पिछले कई वर्षों से शिक्षा अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है । विश्वविद्यालय में आप ने न केवल छात्रों को सिर्फ ज्ञान प्रदान किया बल्कि समाज और नैतिक मूल्यों के प्रति उनकी समझ और जिम्मेदारियां को भी बढ़ाया । मदरहुड विश्वविद्यालय ना केवल शिक्षा बल्कि अनुसंधान के क्षेत्र में भी उननती कर रहा है जिस का लाभ उत्तराखंड के सभी विधयर्थियो को मिल रहा है।

इस अवसर पर विधि संकाय के डॉ० हरिचरण यादव, डॉ० नलनीष चंद्र सिंह, डॉ० विवेक सिंह , श्री विवेक कुमार , आदि अद्यापकगण भी उपस्थित रहे।

 

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button