भारतीय किसान यूनियन क्रांति का तहसील लक्सर पर ऐतिहासिक हुंकार”
29 मई को होगा विशाल शक्ति प्रदर्शन, पत्रकार अपमान और प्रशासनिक ढिलाई के खिलाफ किसानों-पत्रकारों का आर-पार का ऐलान
लक्सर। भारतीय किसान यूनियन क्रांति ने लक्सर तहसील में पत्रकार के साथ हुई अभद्रता और कथित धमकी के विरोध में अब निर्णायक आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। 22 मई से शुरू हुआ यह विवाद अब जनआक्रोश में बदलता दिखाई दे रहा है। पत्रकारों और किसान नेताओं का कहना है कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ का अपमान किसी भी कीमत पर सहन नहीं किया जाएगा।
आरोप है कि तहसील के कुछ कर्मचारियों ने पत्रकार के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए जान से मारने तक की धमकी दी। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में पत्रकारों और सामाजिक संगठनों में भारी रोष फैल गया। मामले को लेकर प्रशासन के साथ कई दौर की बातचीत हुई, लेकिन कोई समाधान नहीं निकल सका।
बताया जा रहा है कि वार्ता के दौरान अधिकारियों द्वारा असहायता जताने से आंदोलनकारियों का गुस्सा और भड़क गया। इसके बाद लक्सर प्रेस Club और भारतीय किसान यूनियन क्रांति ने संयुक्त रूप से 29 मई को लक्सर तहसील में विशाल धरना-प्रदर्शन और शक्ति प्रदर्शन का ऐलान कर दिया।
किसान नेताओं ने कहा कि यह आंदोलन केवल एक पत्रकार के सम्मान का नहीं, बल्कि हर उस आवाज की लड़ाई है जो सच बोलती है। यदि दोषी कर्मचारियों पर कार्रवाई नहीं हुई और उन्हें तत्काल प्रभाव से नहीं हटाया गया, तो आंदोलन को और बड़ा रूप दिया जाएगा।
29 मई को होने वाले प्रदर्शन को लेकर क्षेत्र में जबरदस्त हलचल शुरू हो गई है। किसान संगठनों, पत्रकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं से बड़ी संख्या में पहुंचने की अपील की गई है। आंदोलनकारियों का कहना है कि यह प्रदर्शन प्रशासन की “नींद खोलने” का काम करेगा।
आंदोलनकारियों ने साफ कहा—
“अब चुप नहीं बैठेगा किसान और पत्रकार समाज”
“सम्मान पर चोट हुई तो तहसील का घेराव होगा”
“पत्रकारों के सम्मान में, भारतीय किसान यूनियन क्रांति मैदान में”
“जय जवान — जय किसान”




