रिपोर्ट अभिषेक सैनी
। मोहम्मदपुर पांडा में आयोजित रक्षासूत्र कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं की मौजूदगी ने आयोजन को खास बना दिया। कार्यक्रम में महिलाओं ने मुनीश सैनी की कलाई पर रक्षासूत्र बांधकर उन्हें अपना भाई मानते हुए सम्मान, विश्वास और सहयोग का संदेश दिया। महिलाओं की भारी भीड़ के चलते कार्यक्रम स्थल पर उत्साह का माहौल बना रहा।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुनीश सैनी ने भावुक अंदाज में कहा, “अगर मुझे प्राणों की आहुति देकर भी अपनी बहनों का साथ देना पड़ा, तो मुनीश पीछे नहीं हटेगा।” उनके इस बयान पर मौजूद महिलाओं ने तालियों के साथ समर्थन जताया।
मुनीश सैनी ने कहा कि रक्षासूत्र उनके लिए केवल एक धागा नहीं, बल्कि बहनों के विश्वास, सम्मान और जिम्मेदारी का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि जिन बहनों ने उन्हें रक्षासूत्र बांधकर अपना भाई माना है, उनके विश्वास को वह हमेशा सर्वोपरि रखेंगे और महिलाओं के सम्मान तथा उनके अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर मजबूती से आवाज उठाते रहेंगे।
महिलाओं की मौजूदगी ने खींचा ध्यान
कार्यक्रम में आसपास के क्षेत्रों से भी महिलाएं पहुंचीं। रक्षासूत्र बांधने के दौरान महिलाओं में खासा उत्साह दिखाई दिया। कई महिलाओं ने कहा कि भाई-बहन के रिश्ते की भावना को सामाजिक सरोकार से जोड़ने वाला यह आयोजन उन्हें एकजुटता और विश्वास का संदेश देता है।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और सामाजिक भागीदारी को लेकर भी अपने विचार रखे। वहीं मुनीश सैनी ने कहा कि समाज की प्रगति में महिलाओं की भूमिका महत्वपूर्ण है और उनके सम्मान से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाना चाहिए।

रक्षासूत्र बना विश्वास और संकल्प का प्रतीक
मोहम्मदपुर पांडा में आयोजित रक्षासूत्र कार्यक्रम में महिलाओं की बड़ी भागीदारी पूरे आयोजन का प्रमुख आकर्षण रही। महिलाओं द्वारा मुनीश सैनी को रक्षासूत्र बांधना जहां भाई-बहन के स्नेह का प्रतीक बना, वहीं मुनीश सैनी का संबोधन महिलाओं के सम्मान और उनके साथ खड़े रहने के संकल्प के रूप में सामने आया।

कार्यक्रम के अंत में उपस्थित महिलाओं और समर्थकों ने आयोजन को सफल बनाने के लिए सहयोग किया। रक्षासूत्र कार्यक्रम ने क्षेत्र में सामाजिक एकजुटता, भाई-बहन के रिश्ते और महिलाओं के सम्मान का संदेश दिया।




