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जैव चिकित्सा अपशिष्ट प्रबंधन पर महिलाओं में बढ़ाई जागरूकता

डीएम की पत्नी प्रज्ञा दीक्षित ने सैनेटरी वेस्ट के पृथक्करण पर दिया जोर

 

रुड़की। नगर निगम सभागार में मंगलवार को जैव चिकित्सा अपशिष्ट प्रबंधन विषय पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य शहर में बढ़ते बायोमेडिकल वेस्ट के सुरक्षित निस्तारण और आम जनता, विशेषकर महिलाओं को इसके प्रति जागरूक करना रहा। इसकी योजना की पहल जादूगर वार्ड से की जा रही है। वहीं बुधवार से स्कूलों में रेड वेस्ट के निस्तारण के लिए जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।

मुख्य अतिथि डीएम की पत्नी एवं समाजसेवी प्रज्ञा दीक्षित ने शिरकत की। उन्होंने अपनी सामाजिक संस्था प्रज्ञा फाउंडेशन की ओर से चलाए जा रहे स्वच्छता व महिला जागरूकता अभियानों की जानकारी साझा की और कहा कि महिलाओं को सैनेटरी वेस्ट को अलग डस्टबिन में रखना अत्यंत आवश्यक है, ताकि उसका वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण हो सके। प्रज्ञा दीक्षित ने कहा कि स्वच्छता सिर्फ नगर निकाय की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक का दायित्व है। उन्होंने प्रतिभागियों को बताया कि गलत तरीके से फेंका गया मेडिकल वेस्ट संक्रमणों को बढ़ावा दे सकता है। उन्होंने महिलाओं से अपील की कि घरों में पैड, डायपर और अन्य मेडिकल वेस्ट को सही रंग वाले डस्टबिन में डालें और बच्चों को भी इसके प्रति जागरूक करें। कार्यशाला में नगर निगम रुड़की के नगर आयुक्त राकेश चंद्र तिवारी ने बताया कि शहर में बायोमेडिकल वेस्ट के लिए बेहतर सिस्टम विकसित किया जा रहा है। सहायक नगर आयुक्त अमरजीत कौर व शिवानी सालार ने अपशिष्ट वर्गीकरण की प्रक्रिया और निगम की ओर से चलाए जा रहे

अभियानों की जानकारी दी। वरिष्ठ स्वास्थ्य अधिकारी विक्रांत सिरोही ने मेडिकल वेस्ट के खतरों और उसके सुरक्षित निस्तारण के वैज्ञानिक तरीकों पर विस्तार से प्रकाश डाला। ब्रांड एंबेसडर रीना अग्रवाल ने लोगों को स्वच्छता रैंकिंग में रुड़की को आगे लाने का संकल्प दिलाया। मुख्य स्वच्छता निरीक्षक मनसा नेगी ने निगम की टीम के प्रयासों के बारे में बताया। रोटरी क्लब से समीक्षा जैन, स्वयं सहायता समूह की महिलाएं और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।

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