उत्तराखंडकोटद्वारदेहरादूनरूडकीहरिद्वार

क्वांटम विश्वविद्यालय में “हेल्थ टेक आइडिया 1.0” राष्ट्रीय सम्मेलन का सफल समापन

 

क्वांटम विश्वविद्यालय, रुड़की के क्वांटम स्कूल ऑफ हेल्थ साइंसेज द्वारा आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन “हेल्थ टेक आइडिया 1.0” का आज सफलतापूर्वक समापन हुआ। यह सम्मेलन अपने उद्देश्य के अनुरूप ज्ञान-विनिमय, अनुसंधान सहयोग और नवाचार को प्रोत्साहित करने में सफल रहा।

 

समापन सत्र के मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. मनमोहन रावत, साइंटिफिक ऑफिसर हेड, यूकोस्ट, देहरादून उपस्थित रहे। उन्होंने अपने संबोधन में वैज्ञानिक शोध, नवाचार और स्थानीय संसाधनों के उपयोग पर विशेष बल दिया।

 

इस अवसर पर अतिथि-विशेष के रूप में प्रो. (डॉ.) अनिल कुमार शर्मा, निदेशक, AIMIL Pharmaceutical Pvt. Ltd., तथा डॉ. कंचन कोहली, पूर्व प्रोफेसर, जामिया हमदर्द विश्वविद्यालय, नई दिल्ली ने अपने विचार व्यक्त किए और प्रतिभागियों को शोध एवं नवाचार की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

 

इस सम्मेलन का आयोजन प्रो. (डॉ.) संतोष कुमार वर्मा, प्राचार्य, क्वांटम स्कूल ऑफ हेल्थ साइंसेज, के संयोजन में किया गया।

 

सम्मेलन के दौरान आयोजित तकनीकी सत्रों में विशिष्ट वक्ताओं एवं रिसोर्स पर्सन्स जैसे डॉ. राजीव कुमार कुरेले, प्रो. (डॉ.) राहुल के. सिंह, डॉ. अरुण के. वेंकटेशन (अमेरिका), श्री इरुदायास्वामी (सिंगापुर), श्री हिमांशु गोयल (यूकोस्ट), डॉ. जितेंद्र कुमार, डॉ. विपिन शर्मा, डॉ. मयंक कुलश्रेष्ठ, डॉ. इकबाल, डॉ. मुकेश चंद्र शर्मा, डॉ. अमित शर्मा तथा श्री अमित झा ने स्वास्थ्य तकनीक, डिजिटल हेल्थ, जैव विविधता आधारित औषधि विकास एवं एकीकृत चिकित्सा पर अपने विचार साझा किए।

 

इस अवसर पर विभिन्न सत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कार एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए।

 

विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) विवेक कुमार ने सम्मेलन की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे शोध एवं नवाचार को बढ़ावा देने वाला महत्वपूर्ण मंच बताया।

 

क्वांटम यूनिवर्सिटी के कुलाध्यक्ष अजय गोयल एवं उपाध्यक्ष शोभित गोयल ने अपने संदेश में कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों को व्यावहारिक ज्ञान, नवाचार एवं उद्यमिता के लिए प्रेरित करते हैं।

 

सम्मेलन में बड़ी संख्या में शोधार्थियों, विद्यार्थियों एवं प्रतिभागियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया और अपने शोध पत्र प्रस्तुत किए, जिससे यह कार्यक्रम एक सशक्त अकादमिक मंच के रूप में स्थापित हुआ।

 

यह सम्मेलन “Innovation & Development with Classical Wisdom, Biodiversity Conservation, and Contemporary Therapeutic Relevance” विषय पर आधारित था, जिसने पारंपरिक चिकित्सा एवं आधुनिक स्वास्थ्य तकनीकों के समन्वय को प्रभावी रूप से प्रस्तुत किया।

 

कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन एवं पुरस्कार वितरण के साथ हुआ।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button