इमलीखेड़ा में प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश खुलकर सामने आ गया। दीपावली के त्योहार पर कुम्हारों के पारंपरिक रोजगार के लिए मिट्टी लेकर जा रहे ग्रामीणों के दो ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को सीज किए जाने के बाद क्षेत्र में विरोध शुरू हो गया। कार्रवाई से नाराज प्रथम नगर पंचायत अध्यक्ष इमलीखेड़ा मनोज सैनी और ग्राम प्रधान कंवरपाल सैनी के नेतृत्व में सैकड़ों ग्रामीण एकजुट हो गए। ग्रामीणों ने देर रात तक धरना देकर प्रशासन के खिलाफ आवाज बुलंद की और अधिकारियों से कार्रवाई में समानता बरतने की मांग की।
ग्रामीणों के मुताबिक दीपावली के अवसर पर कुम्हार मिट्टी के दीये तैयार कर अपना पारंपरिक कारोबार करते हैं। इसी उद्देश्य से ग्रामीण खेतों से मिट्टी लेकर जा रहे थे। आरोप है कि इसी दौरान नायब तहसीलदार और कानूनगो ने कार्रवाई करते हुए दो ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को सीज कर दिया। ग्रामीणों का कहना है कि त्योहार के समय कुम्हारों के रोजगार से जुड़ी जरूरत को समझने के बजाय सीधे कार्रवाई की गई, जिससे गरीब ग्रामीणों में नाराजगी फैल गई।

**ओवरलोड डंपरों पर कार्रवाई क्यों नहीं? ग्रामीणों ने अधिकारियों से पूछा सवाल**
धरने के दौरान ग्रामीणों ने क्षेत्र में लगातार दौड़ रहे ओवरलोड डंपरों का मुद्दा जोर-शोर से उठाया। ग्रामीणों का आरोप है कि इमलीखेड़ा और आसपास के ग्रामीण मार्गों पर भारी ओवरलोड डंपर बेखौफ आवाजाही कर रहे हैं। इन वाहनों से सड़कों को नुकसान पहुंचने के साथ-साथ राहगीरों और स्थानीय लोगों की सुरक्षा पर भी खतरा बना हुआ है। ग्रामीणों ने दावा किया कि ओवरलोड वाहनों के कारण क्षेत्र में पहले भी कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं और कई युवकों की जान जा चुकी है।
ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि जब छोटे किसानों और ग्रामीणों के वाहनों पर तत्काल कार्रवाई की जा सकती है तो नियमों का उल्लंघन कर रहे ओवरलोड डंपरों के खिलाफ वैसी ही सख्ती क्यों नहीं दिखाई जाती? उन्होंने प्रशासन से ओवरलोड वाहनों की नियमित जांच और उनके खिलाफ निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की।
–*प्रधान महमदपुर पाडा*

**प्रथम नगर पंचायत अध्यक्ष मनोज सैनी ने प्रशासन की कार्यशैली पर उठाए सवाल**
प्रथम नगर पंचायत अध्यक्ष इमलीखेड़ा मनोज सैनी ने ग्रामीणों के समर्थन में आवाज उठाते हुए कहा कि दीपावली के त्योहार पर कुम्हारों के दीये बनाने के लिए मिट्टी लेकर जा रहे ग्रामीणों के ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को सीज कर दिया गया। प्रशासन को नियमों का पालन कराने के साथ-साथ गरीब ग्रामीणों की परिस्थितियों और पारंपरिक रोजगार से जुड़ी जरूरतों को भी समझना चाहिए।
उन्होंने सवाल उठाया कि यदि प्रशासन नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई कर रहा है तो क्षेत्र में लगातार दौड़ रहे ओवरलोड डंपरों के खिलाफ भी प्रभावी कार्रवाई होनी चाहिए। कानून सभी के लिए बराबर है। किसी भी व्यक्ति के साथ भेदभाव नहीं होना चाहिए। उन्होंने मांग की कि छोटे ग्रामीणों के साथ-साथ बड़े वाहनों और ओवरलोड डंपरों पर भी नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाए।
**ग्राम प्रधान कंवरपाल सैनी ने भी ग्रामीणों की आवाज उठाई**

ग्राम प्रधान कंवरपाल सैनी ने कहा कि प्रशासन को गरीब किसानों और ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से समझना चाहिए। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में ओवरलोड डंपरों की आवाजाही से ग्रामीणों को लगातार परेशानी हो रही है। प्रशासन को इस समस्या का स्थायी समाधान निकालना चाहिए और नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के खिलाफ निष्पक्ष कार्रवाई करनी चाहिए।
**मांगों पर सुनवाई नहीं हुई तो आंदोलन होगा तेज**

धरने पर मौजूद ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। ग्रामीणों ने जिम्मेदार अधिकारियों के पुतले फूंककर विरोध दर्ज कराने की भी चेतावनी दी। उनकी मांग है कि ओवरलोड डंपरों पर प्रभावी कार्रवाई की जाए, ग्रामीण सड़कों को सुरक्षित रखा जाए और पूरे मामले में निष्पक्षता बरती जाए।
इस दौरान विनोद सैनी, राजकुमार सैनी, अजय सैनी, बबलू प्रजापति, मांगेराम प्रजापति, ओमपाल प्रजापति, सोमपाल, आलोक प्रजापति, गोरखनाथ सैनी, अनुज कुमार और शुभम सैनी सहित सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे।
**इमलीखेड़ा में हुए इस विरोध प्रदर्शन के बाद अब ग्रामीणों की निगाहें प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं। ग्रामीणों का स्पष्ट कहना है कि नियमों का पालन सभी से कराया जाए और कार्रवाई में किसी प्रकार का भेदभाव न हो। अब देखना होगा कि प्रशासन ग्रामीणों की मांगों
पर कितना गंभीर कदम उठाता है।**




