स्वामी दयानंद सरस्वती विद्यालय, रुड़की में 4 अप्रैल 2026 को अभिभावकों, विद्यार्थियों एवं स्टाफ सदस्यों की उत्साहपूर्ण सहभागिता के साथ ओरिएंटेशन डे का सफल आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक दीप प्रज्वलन से हुआ, जो अज्ञानता के अंधकार को दूर कर ज्ञान के प्रकाश का प्रतीक है। इसके पश्चात वैदिक मंत्रोच्चारण द्वारा वातावरण को आध्यात्मिक एवं सकारात्मक बनाया गया।
इस अवसर पर हमें मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. ललित नारायण मिश्रा (IAS), CDO हरिद्वार का सान्निध्य प्राप्त हुआ। अपने संबोधन में उन्होंने वर्तमान समय में निरंतर सीखने और स्वयं को अद्यतन रखने के महत्व पर बल दिया। उन्होंने कहा कि अभिभावकों और शिक्षकों को विशेष रूप से आधुनिक तकनीक के क्षेत्र में स्वयं को विकसित करना चाहिए, ताकि वे बच्चों का सही मार्गदर्शन कर सकें।
विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री गिरीश चंद्र उनियाल ने अपने संक्षिप्त उद्बोधन में कहा कि अभिभावक ही बच्चे के प्रथम शिक्षक होते हैं और उनका सहयोग बच्चे के सर्वांगीण विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने Swami Dayananda Saraswati के उपदेशों का उल्लेख करते हुए “Consumer to Contributor” की भावना पर प्रकाश डाला तथा विद्यार्थियों को समाज के प्रति उत्तरदायी एवं योगदान देने वाला नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के दौरान समन्वयकों श्री राजेश नौटियाल, श्री रतन, सुश्री सीमा एवं श्री रोहित ने भी अभिभावकों को संबोधित किया। उन्होंने विद्यालय के दृष्टिकोण (Vision) एवं मिशन (Mission) के बारे में विस्तार से जानकारी दी तथा विद्यालय द्वारा प्रदान की जाने वाली मूल्य-आधारित शिक्षा, सुविधाओं एवं समग्र विकास हेतु किए जा रहे प्रयासों से अभिभावकों को अवगत कराया।
कार्यक्रम का समापन AIM for Seva गीत एवं राष्ट्रगान के साथ हुआ।




