रिपोर्ट अभिषेक गोडवाल
आज दिनांक 11 नवंबर को हरिद्वार विश्वविद्यालय के अर्न्तगत स्थापित इन्स्ट्रीटयूशन इनोवेंशन सेल द्वारा राष्ट्रीय शिक्षा दिवस मनाया गया। आज के दिन भारत के महान स्वतंत्रता संग्राम नेता मौलाना अबुल कलाम आजाद की जयंती मनाई जाती है।
*समस्त प्रदेश वासियों को इगास की शुभकामनाएँ।
ऋतु खण्डूडी भूषण
अध्यक्ष, विधानसभा उत्तराखंड *
इस शुभ अवसर पर विभिन्न पृष्ठभूमि के लोग महान दूरदर्शी और भारत के पहले शिक्षा मंत्री को श्रद्धांजलि दी गई। हरिद्वार विश्वविद्यालय के अध्यक्ष द्वारा कहा गया कि राष्ट्रीय शिक्षा दिवस मौलाना अबुल कलाम आजाद की जयंती के उपलक्ष्य में मनाया जाता है, जो एक प्रभावशाली स्वतंत्रता सेनानी, विद्वान और स्वतंत्र भारत के पहले शिक्षा मंत्री थे।
मानव संसाधन विकास मंत्रालय अब शिक्षा मंत्रालयद्ध द्वारा 2008 में स्थापितए यह दिन शिक्षा के क्षेत्र में आजाद के योगदान और एक शिक्षित और प्रगतिशील भारत के लिए उनके दृष्टिकोण का सम्मान करता है। राष्ट्रीय शिक्षा दिवस एक समान और सशक्त समाज के निर्माण में शिक्षा की महत्वपूर्ण भूमिका की याद दिलाता है। राष्ट्रीय शिक्षा दिवस 2024 राष्ट्र की शैक्षिक यात्रा और आकांक्षाओं को उजागर करने के लिए नए अवसर लेकर आया है। 
राष्ट्रीय शिक्षा दिवस के इतिहास की जड़ें मौलाना अबुल कलाम आजाद के शैक्षिक सुधारों और पहलों से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने ही विश्वविद्यालय अनुदान आयोग भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान सहित भारत के कुछ सबसे महत्वपूर्ण शैक्षणिक संस्थानों की नींव रखी। भारत सरकार ने आजाद की विरासत का सम्मान करने के लिए 2008 में 11 नवंबर को राष्ट्रीय शिक्षा दिवस के रूप में घोषित किया। उनका दृढ़ विश्वास था कि शिक्षा व्यक्तियों और समुदायों का उत्थान कर सकती है और इस उद्देश्य के लिए उन्होंने स्वतंत्र भारत के लिए एक मजबूत शैक्षिक ढांचा स्थापित करने के लिए अथक प्रयास किया था। इस शुभ अवसर पर हरिद्वार विश्वविद्यालय द्वारा संवाद गौस्ठी, तथा वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न संकाय के छात्रों द्वारा प्रतिभाग किया गया। इस अवसर पर हरिद्वार विश्वविद्यालय के अध्यक्ष सी0ए0 सतेन्द्र कुमार गुप्ता, रजिस्ट्रार सुमित चौहान, वाईस चांसलर प्रो0 धर्म बीर सिह, प्रौ0 वाईस चांसलर डॉ0 आदेश आर्य, डायरेक्टर डॉ विपिन सैनी, डॉ0 सुरेश कुमार शर्मा सोनिया शर्मा, डॉ0 एकता जैन, मानसी मोर्य, प्रो0 अनीस अहमद, आदि प्रोफेसर मौजूद रहे।



