गुजरात के अहमदाबाद स्थित ‘द एरीना बाय ट्रांस स्टेडिया’ में आयोजित प्रथम विश्व योगासन चैंपियनशिप में भारत ने ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए विश्व मंच पर अपना दबदबा कायम किया। प्रतियोगिता में 78 देशों के लगभग 600 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया, जिसमें भारतीय टीम ने कुल 114 पदक जीतकर नया इतिहास रच दिया। भारत की झोली में 102 स्वर्ण, 9 रजत और 3 कांस्य पदक आए।

इस अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में पतंजलि योगपीठ से संचालित आचार्यकुलम् के विद्यार्थियों ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए देश का गौरव बढ़ाया। खिलाड़ियों की उपलब्धियों पर पूज्य स्वामी रामदेव महाराज एवं श्रद्धेय आचार्य बालकृष्ण ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए सभी विजेताओं को शुभकामनाएं दीं।
प्रतियोगिता का भव्य शुभारंभ पूज्य स्वामी रामदेव महाराज, गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र भाई पटेल, साध्वी देवप्रिया, मुख्य केंद्रीय प्रभारी राकेश मित्तल सहित कई गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति में हुआ। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से खिलाड़ियों को संबोधित कर उनका उत्साहवर्धन किया।

आचार्यकुलम् के खिलाड़ियों ने रचा इतिहास
अंतरराष्ट्रीय मंच पर आचार्यकुलम् के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों ने योगासन की विभिन्न स्पर्धाओं में अद्भुत प्रदर्शन कर सभी का ध्यान आकर्षित किया।
सब जूनियर वर्ग में अथर्व सिंह नेगी ने हैंड बैलेंसिंग एवं ट्रेडिशनल योगासन ग्रुप स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन करते हुए दो स्वर्ण पदक जीतकर देश का मान बढ़ाया।
बालिका वर्ग में अल्का शर्मा ने अपनी श्रेणी में स्वर्ण पदक जीतकर भारत को गौरवान्वित किया, जबकि जूनियर बालिका वर्ग में यति यशवी ने तकनीकी दक्षता और उत्कृष्ट संतुलन का प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल अपने नाम किया।

गुरुओं के मार्गदर्शन का मिला परिणाम
इस अभूतपूर्व सफलता के पीछे आचार्यकुलम्, हरिद्वार योगासन एसोसिएशन एवं पतंजलि योगपीठ के प्रशिक्षकों का कठिन परिश्रम और अनुशासित प्रशिक्षण महत्वपूर्ण रहा। खिलाड़ियों की उपलब्धि पर विद्यालय की वाइस चेयरपर्सन डॉ. ऋतंभरा, प्रधानाचार्या स्वाति मुंशी, उपप्रधानाचार्य तपस कुमार बेरा, समन्वयक दीपा देवी, खेल विभागाध्यक्ष अमित दानी सहित समस्त आचार्यों ने खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों को बधाई दी।
विद्यालय प्रबंधन ने विश्वास जताया कि भविष्य में भी आचार्यकुलम् के विद्यार्थी राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर भारत, उत्तराखण्ड और संस्थान का नाम रोशन करते रहेंगे।
क्या बोले योग गुरु
पूज्य स्वामी रामदेव महाराज ने कहा कि योगासन केवल खेल नहीं बल्कि स्वस्थ, संतुलित और अनुशासित जीवन का आधार है। उन्होंने कहा कि आचार्यकुलम् के विद्यार्थी भविष्य में भारत को योग के क्षेत्र में विश्वगुरु बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
वहीं श्रद्धेय आचार्य बालकृष्ण ने विजेता खिलाड़ियों को बधाई देते हुए कहा कि उनकी सफलता देश के युवाओं को भारतीय संस्कृति और योग के प्रति प्रेरित करेगी।
डॉ. जयदीप आर्य, महासचिव विश्व योगासन महासंघ एवं भारत योगासन ने कहा कि विश्व योगासन चैंपियनशिप में भारत का प्रदर्शन यह सिद्ध करता है कि योगासन खेल में भारत विश्व नेतृत्व की क्षमता रखता है।




