आचार्यकुलम विश्व का विशिष्ट शिक्षण संस्थान है, जहाँ योग व आध्यात्म से प्राप्त संस्कारों से विद्यार्थी का नित्य शिखरारोहण होता है।
-परमपूज्य स्वामी जी महाराज
दीक्षारोहण का पावन उत्सव सकारात्मकता व पुरुषार्थ का संवाहक है। दीक्षाप्राप्त विद्यार्थियों को योग व यज्ञ के अनुशासन का सदैव पालन करना चाहिए। -परमश्रद्धेय आचार्यश्री
परमपूज्य स्वामी रामदेवजी व परमश्रद्धेय आचार्य बालकृष्णजी द्वारा स्थापित आवासीय विद्यालय आचार्यकुलम् में सत्र: 2025-26 की कक्षा 12वीं के विद्यार्थियों के दीक्षारोहण का पावन उत्सव वैदिक रीति से संपन्न हुआ।
इस सुअवसर पर आचार्यकुलम् शिक्षण संस्थान में 12 कुण्डीय विशेष यज्ञ का आयोजन किया गया। जिसमें मुख्य अतिथि परमपूज्य स्वामीजी महाराज व परमश्रद्धेय आचार्यश्री की गरिमामयी उपस्थिति में सत्र: 2025-26 की कक्षा 12वीं के 49 बालकों व 41 बालिकाओं सहित कुल 90 विद्यार्थियों का दीक्षारोहण वैदिक रीति से संपन्न हुआ।
मंत्रोच्चार के मध्य स्वामीजी महाराज ने प्रत्येक क्रियाविधि की सरल व्याख्या की तथा सभी विद्यार्थियों ने परमपूज्य स्वामीजी महाराज व परमश्रद्धेय आचार्यश्री द्वारा प्रज्ज्वलित ‘महाज्ञान ज्योति’ से अपने दीपों को ज्योतिर्मय कर दीक्षारोहण की प्रतिज्ञा ली और आचार्यकुलम् से प्राप्त शिक्षा व संस्कारों को सर्वत्र प्रसारित करने का संकल्प व्यक्त किया।
अंततः परमपूज्य स्वामीजी महाराज व परमश्रद्धेय आचार्यश्री ने सभी विद्यार्थियों को अपने करकमलों से प्रतीकचिह्न भेंट किए और सुमनवृष्टि कर शुभाशीष प्रदान किया।
आचार्यकुलम् की उपाध्यक्षा परमादरणीया डॉ० ऋतंभरा शास्त्री ‘बहनजी’ व प्राचार्या श्रीमती स्वाति मुंशी जी ने भी विद्यार्थियों को आगामी बोर्ड परीक्षाओं हेतु शुभकामनाएँ व शुभाशीष प्रदान किए।
उक्त सुअवसर पर भारतीय शिक्षा बोर्ड के कार्यकारी अध्यक्ष डॉ० एन० पी० सिंह जी, आदरणीया बहन आशु जी व पारुल जी, हरियाणा योग आयोग के अध्यक्ष श्री जयदीप आर्य जी, भारत स्वाभिमान के मुख्य केंद्रीय प्रभारी श्री राकेश मित्तल जी, साधना व समर्पण के पर्याय पूज्य संन्यासीवृंद, श्रद्धामयी साध्वी बहनें, पतंजलि प्रोजेक्ट व इन्फ़्रा के सीईओ श्री रवि पंडित जी, पतंजलि आयुर्वेद महाविद्यालय के प्राचार्य श्री अनिल यादव जी, पतंजलि कैरियर अकादमी के प्रमुख श्री प्रदीप जी, आचार्यकुलम् के उप-प्राचार्य श्री तापस जी, क्रीड़ाध्यक्ष व प्रधान छात्रपाल श्री अमित जी, समन्वयिका श्रीमती दीपा जी सहित सभी आचार्य, कर्मचारीगण व विद्यार्थी उपस्थित रहे।




