नगर पंचायत इमली खेड़ा में सफाई व्यवस्था पूरी तरह पटरी से उतरती नजर आ रही है। जिस स्थान पर कूड़ा डाला जाता है, वहां बने पार्क और आसपास की सड़कों पर गंदगी का अंबार लग गया है। हालात इतने बदतर हो चुके हैं कि सड़क पर चलना तक मुश्किल हो गया है। चारों ओर फैली बदबू और गंदगी से स्थानीय लोग परेशान हैं, जबकि बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर भी खतरा मंडराने लगा है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि पार्क क्षेत्र में सुबह-शाम बच्चे खेलने और बुजुर्ग टहलने आते हैं, लेकिन अब वहां गंदगी और सड़ते कूड़े के कारण लोगों का जाना दूभर हो गया है। लोगों ने आरोप लगाया कि नगर पंचायत प्रशासन को कई बार शिकायत दी गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

इस मामले को लेकर बीजेपी सभासद प्रतिनिधि शिवकुमार ने नगर पंचायत अधिकारियों पर जमकर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि अधिकारियों की लापरवाही के कारण पूरे क्षेत्र की जनता परेशान है और सफाई व्यवस्था केवल कागजों तक सीमित होकर रह गई है।
शिवकुमार ने कड़ा बयान देते हुए कहा,

“नगर पंचायत के अधिकारी एसी कमरों में बैठकर जनता की परेशानियां भूल चुके हैं। पार्क के पास फैली गंदगी बच्चों और बुजुर्गों की सेहत के साथ खिलवाड़ कर रही है। अगर जल्द से जल्द यहां सफाई नहीं कराई गई तो जनता को साथ लेकर नगर पंचायत कार्यालय के बाहर बड़ा धरना-प्रदर्शन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।”

उन्होंने यह भी कहा कि नगर पंचायत को केवल टैक्स वसूलने से मतलब नहीं होना चाहिए, बल्कि जनता को साफ-सुथरा वातावरण देना भी उनकी जिम्मेदारी है। क्षेत्रवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और बड़ा रूप दिया जाएगा।
अब सवाल यह उठ रहा है कि आखिर नगर पंचायत प्रशासन कब जागेगा और कब इमली खेड़ा की जनता को इस गंदगी से राहत मिलेगी।




