नगर में दीवारों पर लिखे जा रहे स्लोगन “हम सबकी है जिम्मेदारी, स्वच्छ रहेगी नगर पंचायत हमारी” को लेकर अब लोगों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। जनता का कहना है कि चुनाव के समय जनप्रतिनिधियों ने खुद को “जनता का सेवक” बताते हुए नगर की सफाई व्यवस्था सुधारने और विकास कराने के बड़े-बड़े वादे किए थे, लेकिन अब वही लोग जिम्मेदारी जनता पर डालते नजर आ रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जब वोट मांगे जा रहे थे तब हर गली-मोहल्ले में सेवा, विकास और स्वच्छता की बातें की गई थीं। जनता को भरोसा दिलाया गया था कि नगर पंचायत की व्यवस्था बदली जाएगी और सफाई व्यवस्था मजबूत होगी। मगर अब हालात देखकर लोगों को चुनावी वादे झूठे नजर आने लगे हैं।
नगरवासियों का आरोप है कि नगर में कई जगह गंदगी, टूटी सड़कें और अव्यवस्थाएं बनी हुई हैं, लेकिन जिम्मेदारी लेने के बजाय केवल नारे लिखकर जनता को जागरूक करने की बातें की जा रही हैं। लोगों का कहना है कि जनता अपनी जिम्मेदारी निभाने को तैयार है, लेकिन नगर पंचायत और जनप्रतिनिधियों को भी अपनी जवाबदेही तय करनी होगी।

लोगों का कहना है कि केवल दीवारों पर स्लोगन लिख देने से नगर साफ नहीं होगा, बल्कि जमीन पर काम दिखना चाहिए। अब जनता सवाल पूछ रही है कि चुनाव के समय “जनता की सेवा” का दावा करने वाले नेता आखिर अपने वादों को कब पूरा करेंगे।




