इमलीखेड़ा। इमलीखेड़ा चौकी क्षेत्र में दिनदहाड़े कथित अवैध खनन गतिविधियों को लेकर स्थानीय स्तर पर सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि खनन से जुड़े वाहन और मशीनें क्षेत्र में सक्रिय दिखाई दे रही हैं, बावजूद इसके संबंधित विभागों की ओर से कोई बड़ी कार्रवाई सामने नहीं आई है।
मामले ने अब शासन-प्रशासन की निगरानी व्यवस्था पर सवालिया निशान खड़ा कर दिया है। आखिर दिन के उजाले में यदि खनन गतिविधियां संचालित हो रही हैं तो जिम्मेदार अधिकारियों की नजर वहां तक क्यों नहीं पहुंच रही? क्या विभाग को इसकी जानकारी नहीं है, या फिर शिकायतों के बावजूद मामला अनदेखा किया जा रहा है?
स्थानीय लोगों का कहना है कि पूरे मामले की मौके पर पहुंचकर जांच की जाए और खनन में लगे वाहनों के कागजात, रॉयल्टी, परमिट तथा खनन स्थल की अनुमति की जांच की जाए। यदि जांच में नियमों का उल्लंघन सामने आता है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर इमलीखेड़ा क्षेत्र में कथित अवैध खनन का यह खेल किसकी निगरानी में चल रहा है? यदि सब कुछ नियमों के मुताबिक है तो प्रशासन जांच कर स्थिति साफ करे और यदि नियमों की अनदेखी हो रही है तो कार्रवाई कर जनता के सामने पूरी हकीकत रखे।




