रुड़की। श्री सनातन धर्म प्रकाश चंद कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय, रुड़की हरिद्वार में नशा मुक्त उत्तराखंड अभियान के अंतर्गत एंटी ड्रग्स गतिविधियों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को नशीले पदार्थों के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से कक्षा सातवीं के बच्चों पर आधारित एक प्रेरणादायक लघु फिल्म दिखाई गई।

कार्यक्रम की प्रभारी डॉ. अर्चना चौहान ने लघु फिल्म के माध्यम से विद्यार्थियों को समझाया कि छोटी उम्र में बच्चों पर संगति और आसपास के वातावरण का गहरा प्रभाव पड़ता है। उन्होंने कहा कि नशे की शुरुआत अक्सर छोटी-छोटी आदतों से होती है, लेकिन समय के साथ यह व्यक्ति के स्वास्थ्य, शिक्षा, परिवार और पूरे जीवन को प्रभावित कर सकता है। आत्मसंयम और जागरूकता के माध्यम से नशे से बचा जा सकता है।

उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे अपने माता-पिता से खुलकर बातचीत करें और परिवार के सदस्यों को भी नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करें। उन्होंने कहा कि आज के समय में केवल तंबाकू और शराब ही नहीं, बल्कि मोबाइल का अत्यधिक उपयोग भी युवाओं के लिए चिंता का विषय बनता जा रहा है, जिससे विद्यार्थियों की सोचने-समझने और एकाग्रता की क्षमता प्रभावित हो सकती है।
इंडक्शन कार्यक्रम की प्रभारी एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. भारती शर्मा ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि नशा व्यक्ति के शरीर और मन के साथ-साथ उसके पूरे परिवार को अंदर से कमजोर कर देता है। स्वस्थ समाज और मजबूत राष्ट्र के निर्माण के लिए देश को नशामुक्त बनाना बेहद जरूरी है।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने नशे से दूर रहने तथा समाज में जागरूकता फैलाने का संदेश दिया। महाविद्यालय की इस पहल को विद्यार्थियों के बीच जागरूकता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया गया।




