। श्री सनातन धर्म प्रकाश चंद्र कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय रुड़की में राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) स्थापना दिवस के अवसर पर 24 सितंबर 2026 को प्रथम एक दिवसीय शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई की कार्यक्रम अधिकारी डॉ. अर्चना चौहान के दिशा-निर्देशन में आयोजित हुआ।

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य नगर आयुक्त नगर निगम गोपाल राम बेनीवाल एवं महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. अनुपमा गर्ग ने मां सरस्वती के सम्मुख दीप प्रज्वलित कर किया। अतिथियों के स्वागत के बाद छात्राओं ने राष्ट्रीय सेवा योजना का लक्ष्य गीत “उठे समाज के लिए उठे” जोश और उत्साह के साथ प्रस्तुत किया।

कार्यक्रम में छात्राओं ने स्वागत गीत के साथ रानी लक्ष्मीबाई पर आधारित नृत्य-नाटिका, गढ़वाली नृत्य, लोक नृत्य चाचरी और कविताओं की मनमोहक प्रस्तुतियां देकर सभी का मन मोह लिया।

मुख्य नगर आयुक्त गोपाल राम बेनीवाल ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना युवाओं में निस्वार्थ सेवा की भावना को बढ़ावा देती है। किसी व्यक्ति का कल्याण समाज के कल्याण से जुड़ा है। उन्होंने कहा कि युवा शक्ति देश के विकास का महत्वपूर्ण आधार है। उन्होंने छात्राओं से NSS के मूल मंत्र “Not Me But You” को अपने जीवन में अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि समाजसेवा से जहां जरूरतमंदों को लाभ मिलता है, वहीं विद्यार्थियों के व्यक्तित्व का भी सर्वांगीण विकास होता है।
प्राचार्या डॉ. अनुपमा गर्ग ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री प्राप्त करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का बोध कराना भी है। उन्होंने कहा कि एनएसएस स्वयंसेवक स्वास्थ्य, स्वच्छता और शिक्षा सहित विभिन्न सामाजिक मुद्दों पर कार्य कर समाज के लिए महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। उन्होंने छात्राओं को पर्यावरण संरक्षण, जल संचयन और डिजिटल साक्षरता जैसे अभियानों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया।
प्राचार्या ने छात्राओं को “हिमालय बचाओ” अभियान के तहत शपथ भी दिलाई। उन्होंने कहा कि समाज के कल्याण में ही देश का कल्याण निहित है और युवाओं में अनुशासन, संवेदनशीलता तथा नेतृत्व क्षमता विकसित करने में राष्ट्रीय सेवा योजना की महत्वपूर्ण भूमिका है।
कार्यक्रम अधिकारी डॉ. अर्चना चौहान ने कहा कि युवा वर्ग राष्ट्र की रीढ़ है। राष्ट्रीय सेवा योजना विद्यार्थियों में अनुशासन, निस्वार्थ सेवा भाव और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि एनएसएस का उद्देश्य विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान के साथ समाज की जमीनी वास्तविकताओं से जोड़ना और उनमें नेतृत्व क्षमता का विकास करना है।
बौद्धिक सत्र में अंग्रेजी विभाग की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. भारती शर्मा ने युवाओं में बढ़ते फास्ट फूड और पैक्ड फूड के सेवन पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इससे मोटापा, मधुमेह और कम उम्र में हृदय संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है। उन्होंने NSS स्वयंसेवकों से गोद लिए गए गांवों में जाकर लोगों को स्थानीय एवं पारंपरिक भोजन के महत्व के प्रति जागरूक करने का आह्वान किया।
नगर निगम की जनसंपर्क अधिकारी कुमारी प्रियंका ने छात्राओं को अपशिष्ट प्रबंधन की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि घरों से निकलने वाले कूड़े को नगर निगम की गाड़ियों में ही डालना चाहिए और स्वच्छता में अपनी जिम्मेदारी निभाकर रुड़की शहर को स्वच्छ बनाने में सहयोग करना चाहिए।
इस अवसर पर राष्ट्रीय सेवा योजना सलाहकार डॉ. अलका आर्य, डॉ. कामना जैन, श्रीमती काजल सहित महाविद्यालय की शिक्षिकाएं एवं बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित रहीं।




