। भारतीय महाविद्यालय, बेडपुर, पिरान कलियर, रुड़की में शिक्षक दिवस समारोह 2026 का भव्य आयोजन हर्षोल्लास, गरिमा एवं श्रद्धा के साथ किया गया। समारोह में गुरु-शिष्य परंपरा की गरिमा देखने को मिली। विद्यार्थियों ने अपने शिक्षकों के प्रति सम्मान, कृतज्ञता और स्नेह व्यक्त करते हुए विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से कार्यक्रम को यादगार बना दिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय की निदेशक डॉ. कविता सैनी ने मां सरस्वती की वंदना एवं दीप प्रज्वलन कर किया। दीप प्रज्वलन के साथ ही पूरा वातावरण गुरुजनों के सम्मान और ज्ञान के प्रकाश से आलोकित हो उठा।
समारोह में विद्यार्थियों ने गीत, नृत्य एवं अन्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से शिक्षकों के प्रति अपनी भावनाएं व्यक्त कीं। आकांक्षा सैनी ने प्रभावी मंच संचालन करते हुए कार्यक्रम को शानदार ढंग से आगे बढ़ाया। वहीं पलक, पूर्णिमा, चांदनी, अभिषेक, आकाश, सावन, देवराज, जीनत, मुस्कान सहित अन्य विद्यार्थियों ने अपनी प्रस्तुतियों से उपस्थित अतिथियों, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों का मन मोह लिया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों में विशेष उत्साह एवं उमंग देखने को मिली।
समारोह को संबोधित करते हुए महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. फौजिया जदली ने कहा कि, “एक सच्चा शिक्षक केवल शिक्षा नहीं देता, बल्कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व, चरित्र और भविष्य का निर्माण करता है। शिक्षक समाज के ऐसे शिल्पकार हैं, जो अपने ज्ञान, अनुभव और संस्कारों से आने वाली पीढ़ी को सही दिशा प्रदान करते हैं।” उन्होंने कहा कि शिक्षक का मार्गदर्शन विद्यार्थी के जीवन में सफलता की मजबूत नींव रखता है। उन्होंने विद्यार्थियों से गुरुजनों का सम्मान करने तथा उनके बताए आदर्श मार्ग पर चलने का आह्वान किया।
कॉलेज के रजिस्ट्रार श्री लवप्रीत सिंह ने कहा कि, “शिक्षक का संबंध केवल कक्षा और पाठ्यक्रम तक सीमित नहीं होता। वह जीवन के प्रत्येक मोड़ पर विद्यार्थी का मार्गदर्शन करता है और उसे सही राह दिखाने का कार्य करता है। यही कारण है कि भारतीय संस्कृति और समाज में शिक्षक को सदैव सर्वोच्च एवं सम्मानजनक स्थान प्राप्त रहा है।”
कार्यक्रम के समापन अवसर पर कॉलेज की निदेशक डॉ. कविता सैनी ने कहा कि, “शिक्षक दिवस केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि उन गुरुजनों के प्रति आभार व्यक्त करने का अवसर है, जो विद्यार्थियों को ज्ञान के साथ-साथ जीवन जीने की कला भी सिखाते हैं। शिक्षक विद्यार्थियों के सपनों को दिशा देने वाले मार्गदर्शक और उनके भविष्य को आकार देने वाले सच्चे निर्माता हैं।”
इस अवसर पर महाविद्यालय के शिक्षकों ने भी अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल पुस्तकीय ज्ञान प्रदान करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में अच्छे संस्कार, अनुशासन, नैतिक मूल्यों, संवेदनशीलता और जिम्मेदारी की भावना विकसित करना भी है। शिक्षक का वास्तविक योगदान तब सार्थक होता है, जब उसका विद्यार्थी ज्ञानवान होने के साथ-साथ एक अच्छा इंसान और जिम्मेदार नागरिक बनकर समाज एवं राष्ट्र के निर्माण में योगदान देता है।
शिक्षक दिवस समारोह में भारतीय चिकित्सा परिषद, उत्तराखंड के प्रतिनिधि श्री संदीप टोपवाल एवं श्री राहुल सिंह विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। वहीं सुभारती आईटीआई के प्राचार्य श्री विकास भटनागर सहित महाविद्यालय के प्रवक्तागण डॉ. मनीषा, अंजु सैनी, चंद्रशेखर, अनुपम सैनी, अंकुर, आशु सैनी, संजना, प्रिन्सी सैनी, आशा प्रजापति, रोमी सैनी, स्वाति रानी, अंजना देवी, शालू सैनी, संजय चौहान, नीरज कुमार सहित समस्त स्टाफ सदस्य एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।
समारोह के दौरान विद्यार्थियों ने अपने गुरुजनों के प्रति सम्मान एवं कृतज्ञता व्यक्त करते हुए यह संदेश दिया कि गुरु केवल ज्ञान का माध्यम नहीं, बल्कि जीवन की दिशा और सफलता का मार्गदर्शक होता है। हर्षोल्लास और आत्मीयता से परिपूर्ण शिक्षक दिवस समारोह ने गुरु-शिष्य संबंधों की गरिमा को और अधिक प्रगाढ़ किया।



