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खनन माफियाओं ने बिजली के खंभों की नींव तक खोद डाली, क्या किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा विभाग?

धनोरी बिजली घर के अधिकारियों की चुप्पी पर उठे सवाल!

 

 

धनोरी क्षेत्र में अवैध खनन का खेल अब सरकारी संपत्तियों के लिए भी खतरा बनता जा रहा है। खनन माफियाओं ने बिजली के खंभों के नीचे और आसपास से भारी मात्रा में मिट्टी निकाल दी है, जिससे कई खंभों की नींव कमजोर पड़ गई है। इसके बावजूद बिजली विभाग के अधिकारी आंखें मूंदे बैठे हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि खंभों के नीचे से मिट्टी हटने के कारण बरसात के मौसम में उनके गिरने का खतरा कई गुना बढ़ गया है। यदि कोई खंभा गिरता है तो न केवल बिजली आपूर्ति ठप हो सकती है, बल्कि राहगीरों और आसपास रहने वाले लोगों की जान भी जोखिम में पड़ सकती है।

सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब विभागीय अधिकारी मौके पर स्थिति देख चुके हैं, तब भी कार्रवाई क्यों नहीं हो रही? क्या खनन माफियाओं के सामने विभाग पूरी तरह बेबस हो गया है या फिर किसी बड़े हादसे के बाद ही जिम्मेदारों की नींद खुलेगी?

 

क्षेत्रवासियों में भारी रोष है। लोगों का कहना है कि सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ तत्काल मुकदमा दर्ज होना चाहिए और खंभों की सुरक्षा के लिए युद्धस्तर पर काम होना चाहिए। लेकिन फिलहाल हालात यह हैं कि खनन माफिया बेखौफ हैं और जिम्मेदार विभाग खामोशी की चादर ओढ़े बैठा है।

 

जनता का सवाल

“अगर कल कोई खंभा गिरकर हादसा हो गया तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा — खनन माफिया या फिर मूकदर्शक बने विभागीय अधिकारी?”

 

चेतावनी

बरसात सिर पर है, खंभों की नींव कमजोर है, खतरा साफ दिखाई दे रहा है। अब भी कार्रवाई नहीं हुई तो किसी भी दिन बड़ा हादसा प्रशासन और बिजली विभाग की लापरवाही की गवाही बन सकता है।

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