उत्तराखंडदेहरादूनरूडकीहरिद्वार

ड्रग अवेयरनेस एंड वेलनेस नेविगेशन फॉर ए ड्रग फ्री इंडिया, नालसा योजना 2025, के अन्तर्गत मदरहुड विश्वविद्यालय में एंटी-ड्रग यूनिट (ADU) का उद्घाटन

 

ड्रग अवेयरनेस एंड वेलनेस नेविगेशन फॉर ए ड्रग फ्री इंडिया, नालसा योजना 2025, के अन्तर्गत मदरहुड विश्वविद्यालय में एंटी-ड्रग यूनिट (ADU) का उद्घाटन

 

विधि संकाय ,मदरहुड विश्वविद्यालय में ड्रग अवेयरनेस एंड वेलनेस नेविगेशन फॉर ए ड्रग फ्री इंडिया नालसा योजना, 2025 के अन्तर्गत एंटी-ड्रग यूनिट (ADU) का गठन किया गया जिसका विधिवत उद्घाटन मदरहुड विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो० (डॉ०) नरेंद्र शर्मा के करकमलो द्वारा हुआ। 

इस अवसर पर माननीय कुलपति प्रो० (डॉ०) नरेंद्र शर्मा, ने कहा कि “यह यूनिट हमारे छात्रों को नशीले पदार्थों के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने और कानूनी साक्षरता को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। साथ ही यह यूनिट अपनी भूमिका निभाते हुए विश्वविद्यालय के सभी छात्र-छात्रों को नशे के प्रति जागरूक करते हुए, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण हरिद्वार, के साथ मिलकर कानूनी साक्षरता शिविर और कार्यशालाओं का भी आयोजन करेगी। इस अवसर पर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं भी की गईं, जिनमें से एक यह थी कि यूनिट के सदस्य जल्द ही एक जागरूकता अभियान शुरू करेंगे, जिसमें छात्रों को नशीले पदार्थों के दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी दी जाएगी।

 

विधि संकाय के अधिष्ठता प्रो०(डॉ०) बोधिसत्व आचार्य ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा की इस एंटी-ड्रग यूनिट की स्थापना का उद्देश्यों एवं लक्ष्य एक स्वस्थ और जागरूक समाज का निर्माण करना है, और यह यूनिट इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी ।

इस कार्यक्रम में एंटी-ड्रग यूनिट के सदस्य उपस्थित रहे , जिनमें संकाय सदस्य के रूप में डॉ० विवेक सिंह , छात्र प्रतिनिधि के रूप विपाक्षी काम्बोज, शिवांश भारद्वाज, तथा डॉ० ऋतेश कुमार परामर्शदाता के रूप में, एवं एडवोकेट राहुल भारद्वाज, व एडवोकेट करण पुण्डीर सामुदायिक स्वयंसेवक के रूप में उपस्थित रहे पैरा-लीगल वालन्टियर पीएलवी के रूप में आरुषि रावत ,क़शिश ने भाग लिया ।

 

इस अवसर पर डॉ० विवेक कुमार, सहायक आचार्य एवं सेक्रटरी, निःशुल्क विधिक सहायता एवं परामर्श केंद्र, विधि संकाय ,मदरहुड विश्वविद्यालय रूड़की, ने बताया की यह यूनिट नशीली दवाओं के हानिकारक प्रभावों और एनडीपीएस अधिनियम के कानूनी ढांचे के बारे में जागरूकता फैलाने के साथ साथ कमजोर छात्रों की पहचान कर उन्हें सहकर्मी और क़ानूनी सहायता से पुनर्वास की सुविधा प्रदान करने में भी सहायता करेगी ।

 

इस कार्यक्रम में संकाय के सभी सदस्य, प्रोफेसर (डॉ०) जे० एस० पी० श्रीवास्तव, प्रोफेसर (डॉ०) हरिचरण यादव, प्रोफेसर (डॉ०) नीरज मलिक, डॉ० नलनीश चंद्र सिंह ,डॉ० जुली गर्ग, व्यंजना सैनी , रेनू तोमर, रुद्रांश शर्मा ,सतीश कुमार , अनिंदिता चटर्जी, अमन, आयुषी , स्नेहा, मधुर स्वामी, आदि अध्यापकगण उपस्थित रहे ।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button