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जल संस्थान कर्मचारियों का फूटा गुस्सा, अधिशासी अभियंता कार्यालय पर गरजा कर्मचारी संगठन गढ़वाल मंडल अध्यक्ष प्रवीण सैनी

माँग पत्र पर कार्रवाई न होने से भड़का आक्रोश, चेतावनी—अब आर-पार की लड़ाई होगी

 

उत्तराखंड जल संस्थान कर्मचारी संगठन शाखा हरिद्वार के कर्मचारियों का सब्र आखिरकार जवाब दे गया। लंबे समय से लंबित कर्मचारियों की मूलभूत समस्याओं और विभागीय अधिकारियों की लगातार अनदेखी के खिलाफ सोमवार को पन्दीप स्थित अधिशासी अभियंता कार्यालय परिसर में कर्मचारियों ने जोरदार धरना प्रदर्शन कर विभागीय प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। प्रदर्शन के दौरान पूरा परिसर कर्मचारियों की गूंजती आवाजों और नारेबाजी से थर्रा उठा।

कर्मचारियों का आरोप है कि संगठन द्वारा पूर्व में सौंपे गए माँग पत्र को 15 दिन से अधिक समय बीत जाने के बावजूद विभाग ने कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया। इससे कर्मचारियों में भारी रोष व्याप्त है। नाराज कर्मचारियों ने कार्यालय परिसर में धरना देकर प्रशासन के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया और अपनी जायज मांगों को तत्काल पूरा करने की मांग की।

धरना प्रदर्शन की अध्यक्षता शाखा अध्यक्ष रघुवीर सिंह रावत ने की, जबकि संचालन शाखा सचिव अमित कुमार द्वारा किया गया। कर्मचारियों के समर्थन में गढ़वाल मंडल अध्यक्ष प्रवीण सैनी भी विशेष रूप से धरना स्थल पर पहुंचे और कर्मचारियों के संघर्ष को मजबूती प्रदान की।

धरने में बड़ी संख्या में कर्मचारी मौजूद रहे, जिनमें मुख्य रूप से संजय कुमार शर्मा, अमित गोयल, श्यामा प्रसाद, दीवाकर, रमेश कुमार, स्वदेश कुमार, अंकित कुमार, सुशील पटवाल, बाकर मोहम्मद रजा, संजय सिंह सहित अनेक कर्मचारी शामिल रहे। कर्मचारियों ने एकजुट होकर प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए कहा कि अब शोषण और उपेक्षा किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

धरना स्थल पर बोलते हुए गढ़वाल मंडल अध्यक्ष प्रवीण सैनी ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी कि कर्मचारियों की जायज समस्याओं की अनदेखी लगातार जारी रही तो संगठन बड़ा आंदोलन छेड़ने को मजबूर होगा। उन्होंने कहा कि विभागीय अधिकारी कर्मचारियों के धैर्य की परीक्षा लेना बंद करें, अन्यथा आने वाले दिनों में आंदोलन और उग्र रूप धारण करेगा जिसकी पूरी जिम्मेदारी जल संस्थान प्रशासन की होगी।

कर्मचारियों ने साफ कहा कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस और सम्मानजनक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उनका संघर्ष लगातार जारी रहेगा। धरने के दौरान कर्मचारियों में भारी एकजुटता और आक्रोश देखने को मिला।

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