धर्म और विकास के संगम का संदेश: मुख्यमंत्री धामी के निमंत्रण पर देहरादून पहुंचे जूना अखाड़ा के वरिष्ठ महामंडलेश्वर
देहरादून/रुड़की। देवभूमि उत्तराखंड की आध्यात्मिक चेतना और विकास की प्रतिबद्धता उस समय एक साथ दिखाई दी, जब श्रीपंचदशनाम जूना अखाड़ा के वरिष्ठ महामंडलेश्वर एवं अखिल भारतीय संत समिति के उपाध्यक्ष स्वामी श्री यतींद्रानंद गिरि महाराज मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के विशेष निमंत्रण पर देहरादून पहुंचे। मुख्यमंत्री आवास में मुख्यमंत्री धामी एवं उनके परिवार ने श्रद्धा और सम्मान के साथ महाराज जी का भव्य स्वागत किया।
मुख्यमंत्री आवास पर हुई इस विशेष मुलाकात के दौरान स्वामी यतींद्रानंद गिरि महाराज ने मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड में हो रहे विकास कार्यों, सनातन संस्कृति के संरक्षण तथा जनहित में लिए जा रहे साहसिक निर्णयों की खुलकर प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री धामी ने उत्तराखंड की पहचान को केवल विकास तक सीमित नहीं रखा, बल्कि संस्कृति, आस्था और राष्ट्रहित को भी सर्वोच्च प्राथमिकता दी है।
महामंडलेश्वर जी ने समान नागरिक संहिता (UCC), धर्मांतरण विरोधी कानून, अवैध मजारों और लैंड जिहाद के खिलाफ हो रही सख्त कार्रवाई को ऐतिहासिक कदम बताते हुए कहा कि ऐसे निर्णयों से प्रदेश में कानून व्यवस्था मजबूत हुई है और जनता में विश्वास बढ़ा है। उन्होंने चारधाम यात्रा की व्यवस्थाओं की भी सराहना करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री धामी का संकल्प और कार्यशैली उत्तराखंड को नई ऊंचाइयों तक ले जा रही है।
स्वामी यतींद्रानंद गिरि महाराज ने वर्ष 2027 में आयोजित होने वाले हरिद्वार महाकुंभ को दिव्य, भव्य और ऐतिहासिक बनाने के लिए मुख्यमंत्री को शुभकामनाएं देते हुए विश्वास जताया कि यह कुंभ पूरे विश्व में सनातन संस्कृति का गौरव बढ़ाएगा।
इस अवसर पर उत्तराखंड के पुलिस महानिदेशक श्री दीपम सेठ ने भी महाराज जी से भेंट कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। मुख्यमंत्री आवास में आध्यात्मिक ऊर्जा, सौहार्द और सकारात्मक संवाद से भरी इस मुलाकात ने प्रदेश की धार्मिक एवं सांस्कृतिक एकता को नई मजबूती प्रदान की।




