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लिटिल स्कॉलर्स विद्यालय में “सेतु 2025” का भव्य आयोजन*

 

लिटिल स्कॉलर्स विद्यालय, काशीपुर ने शनिवार को अपने वार्षिक शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक महोत्सव “सेतु 2025”! एकीकृत समझ और उपक्रम की दिशा में सामाजिक उद्यम (Social Enterprise Towards Unified Understanding & Undertaking) का सफल आयोजन किया। इस कार्यक्रम ने बौद्धिक चर्चाओं, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और स्थिरता-आधारित शिक्षा का अनोखा संगम प्रस्तुत किया।

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि डॉक्टर शोंग

 शिमरै द्वारा दीप प्रज्वलित करके किया गया । तत्पश्चात ऊर्जावान बैंड प्रस्तुति ने वातावरण को उत्साह से भर दिया। इसके उपरांत आईआईएम अहमदाबाद के प्रो. अनिल गुप्ता ने ऑनलाइन सत्र के माध्यम से शिक्षकों को संबोधित किया और नवाचार आधारित शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डाला। तत्पश्चात ग्रामीण आर्किटेक्ट श्री धीरज अन्नापुरेड्डी ने स्थायी वास्तुकला और सामाजिक उत्तरदायित्व पर प्रेरक विचार व्यक्त किए।

  •  प्रधानाचार्या के स्वागत भाषण और विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत भावपूर्ण दुर्गा स्तुति ने कार्यक्रम में गरिमा और सांस्कृतिक आभा जोड़ दी। इसके बाद मुख्य अतिथि ने शिक्षा को समाज सेवा से जोड़ने की आवश्यकता पर बल देते हुए विद्यार्थियों को जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। कक्षा 9 से 12 तक के छात्रों ने लेख, पैनल चर्चा और STEM प्रोजेक्ट्स के माध्यम से विभिन्न विषयों पर अपने विचार रखे, जबकि कक्षा 6 से 8 तक के विद्यार्थियों ने स्थिरता और नवाचार से जुड़ी परियोजनाएँ प्रस्तुत कीं। इसी दौरान सुश्री अपर्णा राजगोपाल और सुश्री भारती चतुर्वेदी ने भी अपने संबोधन से विद्यार्थियों को शिक्षा में सहानुभूति, जिम्मेदारी और पर्यावरण संरक्षण की महत्ता से अवगत कराया।

 

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में पर्यावरण नृत्य ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया। इसके बाद उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को प्रशस्ति पत्र और पुरस्कार प्रदान किए गए तथा अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट किए गए। कार्यक्रम के अंतिम चरण में इंदु समिति और विद्यालय के विद्यार्थियों द्वारा सामूहिक राष्ट्रीय गान “समागम” की प्रस्तुति हुई। अंत में सुश्री मञ्जुला अरोड़ा ने आभार व्यक्त करते हुए सभी अतिथियों, शिक्षकों, अभिभावकों और विद्यार्थियों का धन्यवाद किया।

“सेतु 2025” ने यह सिद्ध किया कि शिक्षा केवल ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि उसमें संस्कृति, सहानुभूति और स्थिरता का समन्वय आवश्यक है। इस अवसर पर विद्यालय की प्रबंधिका श्रीमती रितु भल्ला पंकज भल्ला ,रोहित भल्ला, बिंदु भल्ला , विद्यालय की प्रधानाचार्य श्रीमती शिखा गौतम व समस्त शिक्षक गण उपस्थित थे। इस आयोजन ने विद्यार्थियों को एक उज्ज्वल और जिम्मेदार भविष्य की दिशा में प्रेरित किया।

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