रिपोर्ट अभिषेक सैनी
हरिद्वार विश्वविद्यालय, रुड़की में भारत के पूर्व राष्ट्रपति, महान वैज्ञानिक एवं युवाओं के प्रेरणास्रोत डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की जयंती के उपलक्ष्य में विश्व विद्यार्थी दिवस हर्षोल्लास और उत्साह के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों की प्रतिभा, रचनात्मकता और वैज्ञानिक सोच को प्रोत्साहित करते हुए उन्हें नवाचार, उद्यमिता, कौशल विकास तथा राष्ट्र निर्माण की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया गया।

कार्यक्रम में PHIMACH Aerospace Pvt. Ltd. के CEO एवं संस्थापक **डॉ. महर्षि सुभाष** ने विद्यार्थियों के साथ अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धात्मक दौर में युवाओं के लिए केवल किताबी ज्ञान पर्याप्त नहीं है, बल्कि तकनीकी दक्षता, रचनात्मक सोच और नए विचारों को धरातल पर उतारने की क्षमता भी आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों को नौकरी तलाशने के साथ-साथ रोजगार सृजनकर्ता बनने और देश के विकास में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए प्रेरित किया।

विश्वविद्यालय के अध्यक्ष **सी.ए. एस.के. गुप्ता** एवं उपाध्यक्ष **नमन बंसल** ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए उन्हें बड़े लक्ष्य निर्धारित करने, निरंतर मेहनत करने और अपनी प्रतिभा को सही दिशा में उपयोग करने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि युवा देश की सबसे बड़ी शक्ति हैं और उनकी मेहनत, लगन एवं सकारात्मक सोच से राष्ट्र विकास की नई ऊंचाइयों को छू सकता है।

विश्वविद्यालय के कुलपति **डॉ. राजीव महाजन** ने डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम के जीवन और उनके प्रेरणादायी विचारों पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ अनुशासन, नैतिकता, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और तकनीकी ज्ञान अपनाने का संदेश दिया। उन्होंने विद्यार्थियों से अपनी क्षमताओं को पहचानने और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझते हुए आगे बढ़ने का आह्वान किया।

कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण विद्यार्थियों की शानदार प्रस्तुतियां रहीं। विद्यार्थियों ने नुक्कड़ नाटक, स्किट और डॉ. कलाम के जीवन पर आधारित विशेष नाट्य प्रस्तुति के माध्यम से शिक्षा, सामाजिक जागरूकता, देशभक्ति और वैज्ञानिक सोच का प्रभावशाली संदेश दिया। वहीं, विभिन्न तकनीकी प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा, नवाचार क्षमता, समस्या समाधान कौशल और टीमवर्क का प्रदर्शन किया।

इस अवसर पर विश्वविद्यालय के प्रो-वाइस चांसलर **डॉ. आदेश के. आर्य** ने कहा कि विद्यार्थियों को केवल डिग्री प्राप्त करने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि अपने भीतर नेतृत्व क्षमता, उद्यमशीलता और व्यावहारिक कौशल भी विकसित करने चाहिए। डॉ. कलाम का जीवन युवाओं को सिखाता है कि बड़े सपने, कठिन परिश्रम और मजबूत इच्छाशक्ति के माध्यम से सफलता के नए आयाम स्थापित किए जा सकते हैं।
उन्होंने कहा कि हरिद्वार विश्वविद्यालय विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ कौशल विकास, व्यावहारिक प्रशिक्षण और नवाचार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है। विश्वविद्यालय का लक्ष्य ऐसे आत्मनिर्भर और प्रतिभाशाली युवाओं को तैयार करना है, जो बदलते समय की चुनौतियों का सामना करने के साथ रोजगार के नए अवसर सृजित करें और राष्ट्र की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान दें।

कार्यक्रम को सफल बनाने में **डॉ. हिमांशु वर्मा, डॉ. रोहित कुमार, सुश्री जिया सजीव, डॉ. रोशन ठाकुर, डॉ. एकता जैन एवं डॉ. धीरज** सहित अन्य सहयोगियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
कार्यक्रम का समापन डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम के आदर्शों को जीवन में अपनाने, ज्ञान के माध्यम से आगे बढ़ने और देश के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में योगदान देने के संकल्प के साथ हुआ।
**हरिद्वार विश्वविद्यालय, रुड़की का यह आयोजन विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास, नवाचार, उद्यमिता और राष्ट्र निर्माण के प्रति विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।**




