। फोनिक्स विश्वविद्यालय में 84 उत्तराखंड बटालियन एनसीसी, रुड़की के तत्वावधान में संचालित प्री थल सेना शिविर में आज वरिष्ठ भाजपा नेत्री साध्वी प्राची दीदी ने विशेष रूप से पहुंचकर शिविर में उपस्थित फौजी अधिकारियों, सहयोगी एनसीसी अधिकारियों तथा सिविल स्टाफ को रक्षा सूत्र बांधकर उनके स्वस्थ, सुखी एवं दीर्घायु जीवन की मंगलकामना की।

रक्षा सूत्र कार्यक्रम में साध्वी प्राची ने कहा कि रक्षा सूत्र केवल एक धागा नहीं, बल्कि राष्ट्र की रक्षा में समर्पित वीर जवानों और समाज के बीच विश्वास, सम्मान एवं आत्मीयता का प्रतीक है। देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले सैनिकों के साथ-साथ राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे एनसीसी अधिकारी, कैडेट्स एवं सहयोगी स्टाफ भी देश की युवा शक्ति को अनुशासन, नेतृत्व और राष्ट्रभक्ति की दिशा प्रदान कर रहे हैं।

उन्होंने एनसीसी कैडेट्स का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि एनसीसी केवल वर्दी पहनने का नाम नहीं, बल्कि अनुशासन, चरित्र, नेतृत्व और राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना विकसित करने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने कैडेट्स से आह्वान किया कि वे शिविर में प्राप्त प्रशिक्षण को अपने जीवन का हिस्सा बनाकर देश के जिम्मेदार और अनुशासित नागरिक बनें।
इस अवसर पर रक्षा सूत्र कार्यक्रम में लेफ्टिनेंट कर्नल अमन कुमार सिंह, ऑनरेरी लेफ्टिनेंट अमर सिंह, सूबेदार सुभाष चंद्रा, सूबेदार सुनील सिंह बिष्ट, नायब सूबेदार सुनील सिंह, सूबेदार राम सिंह, बीएचएम केशवानंद, हवलदार पूर्ण सिंह, हवलदार निर्मल सिंह, कैप्टन सुशील कुमार आर्य, कैप्टन आलोक कंडवाल, फर्स्ट ऑफिसर संजीव कुमार, प्रशिक्षण अधीक्षक रवि कपूर, डीईओ संदीप बूडाकोटी, प्रधान सहायक प्रमोद जोशी, वरिष्ठ सहायक सुरेश अवस्थी, केयरटेकर अनुज कुमार सहित अन्य एनसीसी स्टाफ एवं कैडेट्स ने प्रतिभाग किया।
कार्यक्रम के दौरान साध्वी प्राची द्वारा सभी अधिकारियों एवं स्टाफ को रक्षा सूत्र बांधने का दृश्य विशेष रूप से भावपूर्ण रहा। इस अवसर पर उपस्थित सैन्य अधिकारियों एवं एनसीसी स्टाफ ने भी साध्वी प्राची का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के आत्मीय कार्यक्रम कैडेट्स में राष्ट्रप्रेम, सैनिकों के प्रति सम्मान और समाज के प्रति जिम्मेदारी की भावना को और मजबूत करते हैं।
प्री थल सेना शिविर में चल रहे विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों के बीच आयोजित इस रक्षा सूत्र कार्यक्रम ने शिविर के वातावरण को भावनात्मक एवं राष्ट्रभक्ति से ओत-प्रोत कर दिया। कार्यक्रम का मूल संदेश यही रहा कि राष्ट्र की सुरक्षा और राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान देने वाले प्रत्येक व्यक्ति के प्रति सम्मान एवं कृतज्ञता हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है।



