उत्तराखंडकोटद्वारदेहरादूननगर पंचायत इमली खेड़ारूडकीहरिद्वार

*नर्सिंग अधिकारी को इंटर्न डॉक्टर के द्वारा किया गया अभद्र व्यवहार, लगाए झूठे आरोप, नर्सिंग अधिकारी ने की निष्पक्ष जांच की मांग*

 

 

 दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल में नर्सिंग अधिकारी और इंटर्न डॉक्टर के बीच हुए विवाद के मामले में नर्सिंग अधिकारी का पक्ष भी सामने आया है। नर्सिंग अधिकारी के अनुसार, 22 जुलाई 2026 को एक मरीज के डिस्चार्ज को लेकर दोनों पक्षों के बीच बहस हुई थी। उस समय वार्ड में ऑन ड्यूटी महिला वार्ड अटेंडेंट सहित मरीज भी मौजूद थे।

नर्सिंग अधिकारी का कहना है कि विवाद के दौरान मौजूद महिला वार्ड अटेंडेंट पूरे घटनाक्रम के दौरान वार्ड में उपस्थित थीं और उन्होंने स्वयं देखा कि महिला इंटर्न डॉक्टर ने ऊँची आवाज़ में बातचीत की ओर नर्सिंग अधिकारी को अपमानित किया। 

उनका यह भी कहना है कि इंटर्न डॉक्टर का व्यवहार और बातचीत का लहजा संतोषजनक नहीं था।

– बताया गया है कि विवाद उस समय शुरू हुआ, जब नर्सिंग अधिकारी ने इंटर्न डॉक्टर के पास मरीज के तीमारदार को उनकी छुट्टी ( *डिस्चार्ज* ) के संबंध में भेजा, जिस पर इंटर्न डॉक्टर ने आपत्ति और नाराज़गी व्यक्त की। 

 

– इसके बाद दोनों पक्षों के बीच बहस हुई। नर्सिंग अधिकारी का कहना है कि इंटर्न डॉक्टर द्वारा इस्तेमाल की गई भाषा और बातचीत का तरीका स्वीकार्य नहीं था। 

 

इसके बाद 27 जुलाई 2026 को इंटर्न डॉक्टर द्वारा नर्सिंग अधिकारी के विरुद्ध लिखित शिकायत दर्ज कराई गई, जिसमें नर्सिंग अधिकारी पर अभद्र व्यवहार करने और अपमानित करने के आरोप लगाए गए। इसी क्रम में विभाग द्वारा नर्सिंग अधिकारी से जांच हेतु जवाब मांगा गया, जिसका लिखित उत्तर संबंधित नर्सिंग अधिकारी द्वारा जांच कर रहे विभागीय अध्यक्ष डॉ.विवेकानंद सत्यवली एवं एसोसिएट प्रो. डॉ.सोनिया सिंह को प्रस्तुत किया जा चुका है।

नर्सिंग अधिकारी ने अपने ऊपर लगाए गए सभी आरोपों का असत्य बताते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच कराने की मांग की है।

उनका कहना है कि मामले की वास्तविक स्थिति वार्ड में मौजूद कर्मचारियों, मरीजों के बयानों से स्पष्ट हो जाएगी।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button