रुड़की तहसील में बेटियों के सम्मान का संदेश, डॉ. सुप्रिता ने जगाई नई उम्मीद
ज्वाइंट मजिस्ट्रेट की धर्मपत्नी बोलीं — “आज की बालिकाएं ही विकसित और सशक्त भारत की असली ताकत”
रुड़की तहसील में आयोजित एक प्रेरणादायक कार्यक्रम उस समय खास बन गया, जब ज्वाइंट मजिस्ट्रेट की धर्मपत्नी डॉ. सुप्रिता ने छात्राओं के बीच पहुंचकर उन्हें शिक्षा, आत्मविश्वास और महिला सशक्तिकरण का संदेश दिया। कार्यक्रम में मौजूद छात्राओं ने उत्साह के साथ उनकी बातों को सुना और उनसे प्रेरणा ली।
डॉ. सुप्रिता ने अपने संबोधन में कहा कि आज की बेटियां किसी से कम नहीं हैं। शिक्षा, विज्ञान, प्रशासन, खेल और सेना जैसे हर क्षेत्र में महिलाएं देश का नाम रोशन कर रही हैं। उन्होंने कहा कि यदि बेटियों को सही मार्गदर्शन और अवसर मिले, तो वे समाज और देश की तस्वीर बदल सकती हैं।
उन्होंने छात्राओं से कहा कि जीवन में आत्मविश्वास सबसे बड़ी ताकत है। बेटियों को अपने सपनों को छोटा नहीं समझना चाहिए, बल्कि मेहनत और लगन के साथ आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने महिला सुरक्षा, आत्मरक्षा और डिजिटल शिक्षा के महत्व पर भी विस्तार से चर्चा की।
कार्यक्रम के दौरान छात्राओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। कई छात्राओं ने अपने भविष्य और करियर को लेकर सवाल पूछे, जिनका डॉ. सुप्रिता ने बेहद सहज और प्रेरणादायक अंदाज में जवाब दिया। उनके शब्दों ने छात्राओं के भीतर नई ऊर्जा और आत्मविश्वास भर दिया।
कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने डॉ. सुप्रिता का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनका यह प्रेरणादायक संबोधन छात्राओं के लिए लंबे समय तक यादगार रहेगा। पूरे कार्यक्रम में नारी सम्मान, शिक्षा और आत्मनिर्भर भारत का संदेश प्रमुखता से गूंजता रहा।




