फीनिक्स विश्वविद्यालय, इमली खेड़ा मंडल में सकल हिन्दू समाज द्वारा आयोजित विराट हिन्दू सम्मेलन अत्यंत भव्य, ऐतिहासिक एवं सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। सम्मेलन में क्षेत्र के विभिन्न गांवों, नगरों एवं दूर-दराज क्षेत्रों से हजारों की संख्या में श्रद्धालु, मातृशक्ति, युवा वर्ग, सामाजिक कार्यकर्ता एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित हुए। विशाल जनसमूह की उपस्थिति से पूरा परिसर धर्म, संस्कृति एवं राष्ट्रभक्ति के उत्साह से सराबोर दिखाई दिया तथा आयोजन स्थल पर जनसैलाब जैसा दृश्य देखने को मिला।

कार्यक्रम का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चार, दीप प्रज्वलन एवं भारत माता के चित्र पर पुष्प अर्पण के साथ किया गया। मुख्य अतिथि पूज्य संत स्वामी हंसरानंद सरस्वती जी के पावन सान्निध्य एवं आशीर्वचन से वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण हो गया।

मुख्य वक्ता डॉ. शैलेन्द्र जी ने अपने संबोधन में हिन्दू समाज की एकता, सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण तथा राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने का संदेश दिया। विशिष्ट अतिथि श्रीमती अवंतिका भंडारी जी ने युवाओं एवं महिलाओं को संबोधित करते हुए हिन्दू समाज की एकजुटता, सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण, नई पीढ़ी में संस्कारों के विकास तथा राष्ट्रहित को प्राथमिकता देने पर बल दिया।

वक्ताओं ने कहा कि संगठित समाज ही राष्ट्र की वास्तविक शक्ति है और हमें सामाजिक समरसता, सद्भाव एवं सांस्कृतिक गौरव को आगे बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयासरत रहना चाहिए। कार्यक्रम के दौरान देशभक्ति से ओतप्रोत नारों एवं जयघोष से वातावरण गूंजायमान रहा, जिससे उपस्थित जनसमूह में विशेष उत्साह देखने को मिला।

कार्यक्रम के संयोजक माननीय मुनीश सैनी जी सहित आयोजन समिति के सभी पदाधिकारियों, संरक्षकगण एवं कार्यकर्ताओं ने आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
संरक्षकगण: देशबंधु, यशवंत, पवन रोड, अश्वनी सैनी, पवन सैनी, कुंवर पाल प्रधान, धीर सैनी, संजय सैनी, प्रमोद सैनी, अनिल पाल, ज्ञान चंद, कुंवरपाल आदि।
संयोजक: माननीय मुनीश सैनी
सह-संयोजक: चैरब जैन
कोषाध्यक्ष: पंकज पाल
सह-कोषाध्यक्ष: विमल सैनी
सदस्यगण: विनोद सैनी, अविनाश सैनी, विकास सैनी, सुमित पत्रकार, नरेश कश्यप, रविन्द्र सैनी, रजनीश सैनी, अमित सैनी, राकेश सैनी, श्यामवीर सैनी, मुनेश सैनी सहित हजारों लोगों ने सहभागिता कर कार्यक्रम को सफल बनाया।
विशेष रूप से आयोजन की व्यवस्थाओं, जनसंपर्क एवं समन्वय में अभिनव प्रताप की सक्रिय भूमिका अत्यंत सराहनीय रही, जिसके लिए आयोजन समिति द्वारा उन्हें विशेष धन्यवाद एवं आभार व्यक्त किया गया।

कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों का सम्मान किया गया तथा उपस्थित जनसमूह को प्रसाद वितरण किया गया। आयोजकों ने बताया कि इस प्रकार के आयोजन समाज में जागरूकता, एकता एवं सांस्कृतिक चेतना को सुदृढ़ करने का महत्वपूर्ण कार्य करते हैं और भविष्य में भी ऐसे आयोजनों का क्रम निरंतर जारी रहेगा।




