उत्तराखंडहरिद्वार

विश्व सनातन महापीठ सनातन संस्कृति का वैश्विक केंद्र बनेगा।*

 

 

आज पतंजलि योगपीठ के महामंत्री, आयुर्वेद ऋषि एवं कुशल रणनीतिकार आचार्य बालकृष्ण जी से विश्व सनातन महाप्रकल्प के संबंध में एक विस्तृत चर्चा हुई।

इस अवसर पर आचार्य बालकृष्ण जी ने कहा कि विश्व सनातन महापीठ मात्र एक संस्था नहीं, बल्कि यह एक युगधर्म है। यह महाप्रकल्प आने वाली पीढ़ियों को सनातन संस्कृति, भारतीय ज्ञान परंपरा और आध्यात्मिक मूल्यों से जोड़ने का माध्यम बनेगा। पतंजलि योगपीठ इसके साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलेगा और हर सम्भव सहयोग प्रदान करेगा।

बैठक में उपस्थित तीर्थ सेवा न्यास के परमाध्यक्ष पूज्य बाबा हठयोगी जी महाराज ने कहा कि यह कार्य केवल एक पीढ़ी या समाज का नहीं है, बल्कि सम्पूर्ण मानवता का उत्थान है। सनातन संस्कृति को पुनः उसके शिखर पर प्रतिष्ठित करना ही हमारा लक्ष्य है।

तीर्थ सेवा न्यास के अध्यक्ष तीर्थाचार्य राम विशाल दास जी महाराज ने अपने विचार रखते हुए कहा कि विश्व सनातन महापीठ हमारे युग का सबसे बड़ा आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक आंदोलन है। यह महायज्ञ धर्म, राष्ट्र और विश्वकल्याण के लिए समर्पित है। हर संत, हर साधक और हर सनातन प्रेमी इसका सहभागी बने, यही हमारा आह्वान है।

इस अवसर पर उपस्थित महंत ओमदास जी महाराज ने कहा कि यह महाप्रकल्प धर्म, सेवा और संस्कृति की त्रिवेणी है। यहाँ से न केवल सनातन की ध्वजा फहरेगी, बल्कि विश्व को शांति और एकता का संदेश मिलेगा।

बैठक के अंत में सर्वसम्मति से यह संकल्प लिया गया कि विश्व सनातन महापीठ को युगों युगों तक सनातन संस्कृति का वैश्विक केंद्र बनाने के लिए सामूहिक प्रयास किए जाएंगे।

 

आगामी 21 नवम्बर को भव्य भूमि पूजन महोत्सव आयोजित किया जाएगा, जिसमें संत-महात्मा, उद्योगपति, क्रिकेट स्टार, विद्वान, समाजसेवी और हजारों श्रद्धालु साक्षी बनेंगे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button