रुड़की क्षेत्र का छोटा सा नगर पंचायत इमली खेड़ा, जो कभी अपनी सादगी और शांत वातावरण के लिए जाना जाता था, आज अवैध शराब कारोबार का अड्डा बनता जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, इस गोरखधंधे की जड़ें इतनी गहरी फैल चुकी हैं कि अब यह कारोबार खुलेआम दिन-रात नगर पंचायत के कई हिस्सों में चल रहा है।
स्थानीय शराब ठेकेदार ने कई बार आबकारी विभाग, रुड़की कार्यालय को इस अवैध गतिविधि की शिकायत दी, लेकिन हर बार मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। नतीजा यह हुआ कि शराब माफिया अब इतने बेखौफ हो गए हैं कि वे देसी और अंग्रेज़ी शराब की होम डिलीवरी तक करने लगे हैं।
जब स्थिति बेकाबू हो गई, तब जाकर आबकारी विभाग ने महीनों पहले इमली खेड़ा में छापा मारा और भारी मात्रा में अवैध शराब बरामद की। लेकिन सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि इस पूरे नेटवर्क के सरगनाओं के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई — बल्कि उन्हें जमानत पर छोड़ दिया गया।
स्थानीय सूत्रों का यह भी कहना है कि इस अवैध कारोबार को चलाने में कुछ प्रभावशाली व्यक्तियों की भूमिका भी संदिग्ध है। यदि इस दिशा में निष्पक्ष जांच की जाए, तो कई चौंकाने वाले नाम सामने आ सकते हैं।
अब सवाल उठता है
आखिर यह गोरखधंधा कब तक खुलेआम चलता रहेगा?
क्या प्रशासन की आंखें तब खुलेंगी जब कोई बड़ी अनहोनी हो जाएगी?
क्या स्थानीय जनता की सुरक्षा और भविष्य यूं ही दांव पर लगता रहेगा?
अब समय आ गया है कि आबकारी विभाग, स्थानीय प्रशासन और राज्य सरकार इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराएं और दोषियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई करें।
अगर आज यह सिलसिला नहीं रोका गया, तो कल यह समस्या सिर्फ इमली खेड़ा ही नहीं, पूरे क्षेत्र के लिए एक नासूर बन जाएगी।




