हरिद्वार जनपद की नगर पंचायत इमलीखेड़ा में स्वच्छ भारत मिशन के तहत बनाए गए ‘शुभ शौचालय’ अब बदइंतजामी और गंदगी की मिसाल बनते जा रहे हैं। क्षेत्र में बनाए गए इन सार्वजनिक शौचालयों में न तो सफाई की व्यवस्था है, और न ही पानी की सुविधा उपलब्ध है।

लोगों का कहना है कि बिना पानी के शौचालय का उपयोग करना संभव नहीं है। कई जगह तो नल सूखे पड़े हैं और टंकियां महीनों से खाली हैं। सफाई कर्मी भी नियमित रूप से नहीं आते, जिससे वहां गंदगी, दुर्गंध और मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है।

📍 स्थानीय निवासी सीमा देवी ने बताया, “शौचालय में न सफाई होती है, न पानी आता है। महिलाएं और बच्चे बहुत परेशान हैं। नगर पंचायत के अधिकारी केवल दिखावा कर रहे हैं।”
निवासियों ने नगर पंचायत प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द सफाई और पानी की सुविधा बहाल नहीं की गई, तो वे नगर पंचायत कार्यालय का घेराव करेंगे।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की लापरवाही स्वच्छ भारत मिशन की मूल भावना के खिलाफ है और जनता के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकती है।




