हरिद्वार। शहर के भूमानन्द अस्पताल के पास स्थित रेड लाइट चौराहे पर इन दिनों संदिग्ध गतिविधियों को लेकर लोगों में डर और असमंजस का माहौल बना हुआ है। स्थानीय लोगों के अनुसार यहां रोजाना दर्जनों युवक खड़े रहते हैं, जिनकी नजरें सड़क से गुजरने वाली गाड़ियों के नंबरों पर टिकी रहती हैं। बताया जा रहा है कि ये युवक फाइनेंस पर ली गई गाड़ियों की किस्तें न चुकाने वालों से वाहन वापस लेने के लिए तैनात किए गए हैं।
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि ये युवक लगातार आने-जाने वाली गाड़ियों के नंबर प्लेट पर पैनी नजर रखते हैं और शक होने पर वाहन को रोकने या उसका पीछा करने की कोशिश भी करते हैं। इस तरह की गतिविधियों से वहां से गुजरने वाले वाहन चालकों और आसपास के दुकानदारों में भय का माहौल बन गया है।
स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि रेड लाइट जैसे व्यस्त चौराहे पर इस तरह से युवकों का समूह बनाकर गाड़ियों पर नजर रखना किसी बड़े हादसे का कारण भी बन सकता है। कई बार अचानक वाहन रोकने या घेरने की स्थिति में सड़क दुर्घटना होने की आशंका बनी रहती है, जिससे आम लोगों की जान को खतरा हो सकता है।
लोगों का कहना है कि यदि फाइनेंस कंपनियों को अपनी गाड़ियां वापस लेनी हैं तो इसके लिए कानूनी प्रक्रिया और प्रशासन की निगरानी में कार्रवाई होनी चाहिए। खुलेआम सड़क पर इस तरह की गतिविधियां कानून व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर रही हैं।
स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन और पुलिस से इस पूरे मामले का संज्ञान लेने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि इस तरह की स्थिति में कोई बड़ा हादसा हो जाता है तो उसकी जिम्मेदारी आखिर किसकी होगी, यह बड़ा सवाल है।

क्षेत्र के लोगों का मानना है कि समय रहते प्रशासन ने ध्यान नहीं दिया तो यह स्थिति कभी भी किसी बड़ी दुर्घटना या विवाद का रूप ले सकती है। ऐसे में पुलिस प्रशासन को मौके पर जांच कर आवश्यक कार्रवाई करनी चाहिए ताकि आम जनता में फैले डर और असुरक्षा के माहौल को खत्म किया जा सके।




