नगर पंचायत इमली खेड़ा में विकास कार्यों की सच्चाई एक बार फिर सामने आ गई है। महज 10 दिन पहले लगाई गई स्ट्रीट लाइटें खराब हो गईं, जिससे नगर पंचायत के दावों और जमीनी हकीकत के बीच बड़ा अंतर दिखाई दे रहा है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि जिन लाइटों को रात में क्षेत्र को रोशन करना था, वे अब खुद अंधेरे में हैं। जनता सवाल उठा रही है कि अगर नई लाइटें 10 दिन भी नहीं चल पा रहीं, तो इसमें इस्तेमाल की गई सामग्री कितनी घटिया रही होगी।
वार्डवासियों ने आरोप लगाया है कि
स्ट्रीट लाइट लगाने में मानकों की अनदेखी की गई
घटिया सामग्री का प्रयोग किया गया

और जिम्मेदार अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों ने निगरानी नहीं की
लोगों का कहना है कि नगर पंचायत अध्यक्ष और प्रशासन की जिम्मेदारी बनती है कि ऐसे कार्यों की सीधे तौर पर जवाबदेही तय हो। जनता मांग कर रही है कि
✔ पूरे मामले की जांच कराई जाए
✔ खराब लाइटों को तुरंत बदला जाए
✔ और दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो
नगर पंचायत इमली खेड़ा में अब सवाल साफ है—
क्या यही है विकास, जो 10 दिन में दम तोड़ दे?
अब देखना होगा कि नगर पंचायत प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है।




