नगर पंचायत इमलीखेड़ा के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया है। पिछले 15 वर्षों से भीषण पेयजल संकट से जूझ रहे क्षेत्रवासियों को आखिरकार बड़ी राहत मिली है। शासन द्वारा नगर पंचायत इमलीखेड़ा के समस्त 9 वार्डों के लिए 34 करोड़ रुपये की वृहद पेयजल योजना को वर्ल्ड बैंक योजना के अंतर्गत स्वीकृति प्रदान कर दी गई है।

जैसे ही इस बहुप्रतीक्षित योजना की स्वीकृति का समाचार क्षेत्रवासियों तक पहुँचा, पूरे इमलीखेड़ा में खुशी की लहर दौड़ गई। बड़ी संख्या में स्थानीय लोग नगर पंचायत कार्यालय पहुँचे और ढोल-नगाड़ों की गूंज, फूलमालाओं और लड्डुओं के साथ नगर पंचायत अध्यक्ष मनोज कुमार सैनी का भव्य स्वागत व अभिनंदन किया। इस उत्सवपूर्ण अवसर पर महिलाओं की भागीदारी विशेष रूप से सराहनीय रही, जिसने समारोह को और भी ऐतिहासिक बना दिया।

नगर पंचायत अध्यक्ष मनोज कुमार सैनी ने कहा कि बोर्ड गठन के बाद से ही पेयजल समस्या को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता में रखा गया था। उन्होंने दिशा की बैठकों से लेकर शासन स्तर तक सक्षम अधिकारियों के समक्ष इस मुद्दे को पूरी मजबूती से उठाया। निरंतर प्रयास, संघर्ष और जनहित की सोच का ही परिणाम है कि आज इमलीखेड़ा को यह ऐतिहासिक सौगात मिली है।
इस योजना के अंतर्गत क्षेत्रवासियों को 135 LPCD (लीटर प्रति व्यक्ति प्रतिदिन) के मानक के अनुसार शुद्ध पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। योजना का क्रियान्वयन पेयजल निगम हरिद्वार द्वारा किया जाएगा, जिससे सभी वार्डों में नियमित और सुरक्षित जल आपूर्ति संभव हो सकेगी।
योजना की स्वीकृति से क्षेत्रवासियों में अभूतपूर्व उत्साह देखने को मिला। लोगों ने कहा कि यह योजना न केवल वर्षों पुरानी पेयजल समस्या का स्थायी समाधान करेगी, बल्कि इमलीखेड़ा के विकास को भी नई रफ्तार देगी।

इस अवसर पर व्यापार मंडल इमलीखेड़ा के अध्यक्ष अश्वनी गोयल, फोनिक्स विश्वविद्यालय के अध्यक्ष चैरब जैन, पिंका लाल, महावीर मास्टर, राधेश्याम पाल, गुलबशर, रिहाना, फरजाना, फिरदौस, गुलिस्ता, पूनम, रजनी, हेमलता, सोमपाल प्रजापति, संदीप सैनी, मोहित सैनी, शोभाराम, ज्ञानचंद, सुभाष सैनी, सत्य प्रकाश, अर्जुन सैनी, अनुज पाल सहित अनेक गणमान्य नागरिक व क्षेत्रवासी मौजूद रहे।




