*देहरादून, 8 अगस्त 2025* — उत्तराखंड हाईकोर्ट ने मास्टर्स इन पब्लिक हेल्थ कोर्स संचालित करने वाले एक संस्थान को बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने अंतरिम आदेश में कहा है कि अगली सुनवाई तक श्री देव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय ₹35 लाख की सुरक्षा राशि जमा करने की शर्त पर जोर नहीं देगा।

न्यायमूर्ति रविंद्र मैठाणी की एकलपीठ ने यह आदेश याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया। याचिकाकर्ता के वकील ने दलील दी कि संबद्धता समिति पहले ही सिफारिश कर चुकी है, लेकिन विश्वविद्यालय मौखिक रूप से ₹35 लाख सुरक्षा राशि जमा करने के लिए कह रहा है। अदालत को बताया गया कि इसी तरह के मामलों में पहले भी अंतरिम राहत दी जा चुकी है।
विश्वविद्यालय की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता ने तर्क दिया कि राज्य सरकार ने पहले ही निर्णय लिया है और यूजीसी के नियमों के तहत यह राशि अनिवार्य है, हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि समान मामलों में कोर्ट ने राहत प्रदान की है।

कोर्ट ने आदेश दिया कि संबद्धता प्रक्रिया कानून के अनुसार जारी रहेगी और याचिकाकर्ता द्वारा अन्य शर्तें पूरी करने पर विचार किया जाएगा। अंतरिम राहत याचिका निपटा दी गई है।




