क्वांटम विश्वविद्यालय, रुड़की द्वारा तीन दिवसीय वार्षिकोत्सव “धरोहर” का भव्य आयोजन 26,027 एवं 28 मार्च को विश्वविद्यालय परिसर में किया जा रहा है। यह वार्षिकोत्सव विद्यार्थियों की सृजनात्मक प्रतिभा, सांस्कृतिक विविधता एवं नवाचार को एक मंच पर प्रस्तुत करने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करेगा।
इस प्रतिष्ठित आयोजन में मुख्य अतिथि के रूप में हरिद्वार के जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की गरिमामयी उपस्थिति रहेगी। साथ ही, विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रो. वाई. विमला, कुलपति, माँ शाकुंभरी विश्वविद्यालय, सहारनपुर कार्यक्रम की शोभा बढ़ाएंगी।
दो दिवसीय इस वार्षिकोत्सव में प्रदेश एवं देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों से बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं की सहभागिता सुनिश्चित की जा रही है। अनुमानित रूप से 1000 से अधिक प्रतिभागी विभिन्न प्रतिस्पर्धात्मक एवं गैर-प्रतिस्पर्धात्मक कार्यक्रमों में भाग लेंगे, जिससे “धरोहर” एक बहुआयामी एवं जीवंत सांस्कृतिक उत्सव के रूप में स्थापित होगा।
कार्यक्रम के अंतर्गत शास्त्रीय एवं आधुनिक नृत्य, समूह एवं एकल गायन, नाट्य प्रस्तुतियां, फैशन शो, लोक कला प्रदर्शन, क्रिएटिव आर्ट, मीडिया एवं डिजाइन आधारित प्रतियोगिताएं, तथा विभिन्न साहित्यिक एवं बौद्धिक गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों द्वारा नवाचार, प्रोजेक्ट्स एवं रचनात्मक प्रदर्शनी भी प्रस्तुत की जाएगी, जो विद्यार्थियों की शैक्षणिक एवं व्यावहारिक दक्षता को प्रदर्शित करेगी।
विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, “धरोहर” का उद्देश्य केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, टीम वर्क, सांस्कृतिक जागरूकता एवं प्रतिस्पर्धात्मक भावना का विकास करना भी है। यह आयोजन विभिन्न संस्थानों के बीच संवाद, सहयोग एवं सांस्कृतिक आदान-प्रदान को प्रोत्साहित करेगा।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कार, ट्रॉफी एवं प्रमाण पत्र प्रदान किए जाएंगे। साथ ही उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों एवं टीमों को विशेष सम्मान से भी नवाजा जाएगा।
क्वांटम विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) विवेक कुमार एवं आयोजन समिति ने सभी विद्यार्थियों, प्रतिभागियों एवं आमंत्रित अतिथियों से इस वार्षिकोत्सव में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने का आह्वान किया है, ताकि “धरोहर” को एक यादगार एवं सफल आयोजन बनाया जा सके।




