नगर क्षेत्र में इन दिनों सफाई व्यवस्था पूरी तरह पटरी से उतरती नजर आ रही है। सड़कों और मोहल्लों में जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हुए हैं, जिनसे उठ रही दुर्गंध के कारण स्थानीय लोगों का जीना मुश्किल हो गया है। हालात यह हैं कि कई स्थानों पर कई-कई दिनों तक कूड़ा नहीं उठाया जा रहा, जिससे क्षेत्र में गंदगी का अंबार लग गया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर में सफाई व्यवस्था की हालत बेहद खराब हो चुकी है। नालियां चोक हैं और कूड़े के ढेरों के कारण मच्छरों और बीमारियों का खतरा भी बढ़ रहा है। लोगों का आरोप है कि जिम्मेदार अधिकारी और जनप्रतिनिधि इस ओर कोई ठोस कदम नहीं उठा रहे हैं।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि जब सड़कों पर गंदगी का अंबार लगा हो और आम लोगों को मूलभूत सुविधाएं तक न मिल रही हों, तो फिर विकास के दावे कैसे सच माने जाएं। लोगों का कहना है कि यदि जल्द ही सफाई व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो आने वाले समय में जनता इसका जवाब देने के लिए मजबूर होगी।
नगर के कई सामाजिक कार्यकर्ताओं का भी कहना है कि स्वच्छता को लेकर बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर हालात कुछ और ही नजर आते हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि नियमित रूप से कूड़ा उठान और सफाई व्यवस्था को दुरुस्त किया जाए, ताकि लोगों को गंदगी और बीमारियों से राहत मिल सके।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर यही हालात रहे तो जनता के मन में सवाल उठना लाजमी है— “जब सड़कों पर गंदगी का अंबार होगा, तो फिर कैसे आएगी भाजपा सरकार?




